अभ्यास मेें धौनी को देखकर ली सीख और फिर…..

08_05_2015-negi9नई दिल्ली। आइपीएल-8 के 43वें लीग मुकाबले में जब चेन्नई सुपरकिंग्स और मुंबई इंडियंस की टीमें आमने-सामने आने वाली थीं, उसके लिए चेन्नई ने जमकर अभ्यास किया था। अभ्यास सत्र के दौरान जब मेजबान टीम के कप्तान धौनी बल्लेबाजी करने में जुटे थे तब ठीक उनके करीब खड़ा होकर एक युवा खिलाड़ी सीखने का प्रयास कर रहा था। धौनी के धुआंधार बल्लेबाजी स्टाइल को इस बल्लेबाज ने इतनी बारीकी से समझा कि जब मैच की बारी आई तो धौनी भी इस खिलाड़ी की बल्लेबाजी को बस निहारते रह गए। हालांकि स्टोरी में ट्विस्ट भी आया जब मैच खत्म होते-होते यही हीरो अचानक विलेन भी बन गया। आइए जानते हैं क्या हुआ, कैसे हुआ। – पहले देखा, फिर कुछ वैसा ही कियाः हम बात कर रहे हैं 22 वर्षीय युवा ऑलराउंडर पवन नेगी की। इस युवा खिलाड़ी ने तब मैदान पर कदम रखा जब चेन्नई 15.2 ओवर में सिर्फ 104 रन पर अपने चार शीर्ष खिलाड़ियों के विकेट खो चुकी थी। पिच पर धौनी किसी तरह पारी को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे मौके पर नेगी पिच पर आए और आते ही धुआंधार अंदाज में खेलना शुरू कर दिया। वो अंतिम गेंद पर रन आउट तो हुए लेकिन पवेलियन लौटने से पहले उन्होंने 17 गेंदों में 36 रनों की धुआंधार पारी खेल डाली। जब वो पिच पर आए थे तब धौनी 30 का आंकड़ा पार कर चुके थे और जब तक नेगी 36 के स्कोर तक पहुंचे तब तक धौनी सिर्फ 39 रन ही बना सके। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी पारी की रफ्तार कितनी तेज थी और दूसरे छोर पर खड़े धौनी भी यही चाह रहे थे कि स्ट्राइक नेगी के पास ही रहे तो बेहतर है। – पहले बना हीरो, फिर अचानक बन गया विलेनः चेन्नई की पारी के दौरान अपनी धुआंधार बल्लेबाजी से बेशक पवन नेगी ने घरेलू फैंस का दिल जीत लिया लेकिन मैच खत्म होते-होते हालात बदल गए थे। दरअसल जब मुंबई को अंतिम दो ओवरों में 30 रनों की जरूरत थी तब कप्तान धौनी ने नेगी पर भरोसा करते हुए उन्हें गेंद थमा दी। उनके सामने थे मुंबई के हार्दिक पांड्या। न जाने पांड्या किस मूड में आए थे कि उन्होंने पांड्या की तीन गेंदों पर छक्के जड़ डाले जबकि ओवर की अंतिम गेंद पर रायडू ने भी एक छक्का जड़ दिया। इस ओवर में कुल 25 रन बन गए और देखते-देखते एक ही ओवर में मैच चेन्नई के हाथों से निकल गया। – दिल्ली का ये ऑलराउंडर है बेहद खासः पवन नेगी का जन्म दिल्ली में हुआ था। उनकी पहली आइपीएल टीम भी दिल्ली डेयरडेविल्स ही थी लेकिन 2014 में चेन्नई ने उनको खरीद लिया। शुरुआती क्रिकेट करियर में नेगी एक तेज गेंदबाज के तौर पर खुद को निखार रहे थे। कम उम्र में इस खिलाड़ी को गंभीर चोट का सामना करना पड़ा था जिस दौरान ऐसा लगा कि शायद क्रिकेटर बनने का उनका सपना अब अधूरा ही रह जाएगा…..लेकिन उनका जज्बा गजब का था। नेगी ने तय किया कि वो अब तेज गेंदबाजी की जगह स्पिन करेंगे और बल्लेबाजी पर ज्यादा ध्यान देंगे। ऐसा करके धीरे-धीरे न सिर्फ उन्होंने अपनी फिटनेस पर काबू पा लिया बल्कि आज वो अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गजों के बीच खड़े हैं।

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