उत्तराखंड: 30 जून तक जारी रहेगा कुदरत का कहर, राहत कार्य जारी

नई दिल्ली। उत्तराखंड के चमोली, जोशीमठ और रुद्रप्रयाग में रविवार देर रात से ही तेज बारिश के बीच भी सेना ने अपना बचाव कार्य जारी रखा है। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि सोमवार को भी राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है और ये 30 जून तक जारी रह सकती है। इससे बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका है।

गौरतलब है कि सेना ने अब तक 80 हजार से अधिक लोगों को बचा लिया है, लेकिन अभी भी मिलम ग्लेशियर से सटी मल्लाजोहार घाटी एवं केदारनाथ में 1000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। मोहरपाला में 80, पोंटिंग में 60, नाहर देवी में 12 लोगों के फंसे होने की सूचना है।

उधर,

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक विभिन्न इलाकों में अब भी 22 हजार से अधिक लोग फंसे हुए जिन्हें सुरक्षित निकालने की चुनौती है।

इधर, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उत्तराखंड त्रासदी में अब तक एक हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने आशंका जताई है कि केदारनाथ का मलवा साफ होने के बाद मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। बताया जा रहा है कि आज सेना केदारनाथ के अलावा गौरीकुंड और हेमकुंड साहिब में अपना अभियान चलाएगी। बदरीनाथ क्षेत्र में घांघरिया गोविंदघाट, गौरी गांव के साथ ही जंगलचट्टी में कोई यात्री नहीं है। फिर भी सरकार हर संभावना को दृष्टिगत रख अंतिम बार इन इलाकों की तलाशी कर रही है ताकि एक भी यात्री यहां फंसकर न रह जाए। इसके लिए आज से सेना, आइटीबीपी, एनडीआरफ और पुलिस की संयुक्त टीम अंतिम बार गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ तक आसपास के जंगलों में कांबिंग करेगी। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक बदरीनाथ में पांच हजार और गंगोत्री के पास हर्षिल में दो हजार यात्री फंसे हैं।

गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग में रविवार को बारिश के चलते बचाव कार्य में जुटे हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए। दोपहर को मौसम साफ होने पर ही 20 हेलीकॉप्टर की मदद से बचाव कार्य शुरू हो पाया। हालांकि यह अभियान भी केदारनाथ-गौरीकुंड पैदल मार्ग पर स्थित जंगल चट्टी में ही केंद्रित रहा। शाम तक यहां से करीब 60 लोगों को निकाला जा चुका था।

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