नवम देवी सिद्धिदात्री का ध्यान मंत्र

03_10_2014-3siddhidatri1aनवरात्र में मां दुर्गा की अंतिम अर्थात् नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है। मां हमें प्रत्येक कार्य में सिद्धहस्त होने की प्रेरणा देती हैं। उनके दिव्य स्वरूप का ध्यान हमारे भीतर आत्मविश्वास की ज्योति जलाकर हमारी चेतना को उजाले की ओर ले जाता है।

मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री सभी आठ सिद्धियां प्रदान करती हैं। देवी पुराण के अनुसार, भगवान शिव ने इन्हीं शक्ति स्वरूपा देवी की उपासना करके सभी सिद्धियां प्राप्त की थीं, जिसके प्रभाव से शिव जी का आधा शरीर स्त्री का हो गया था और वे अ‌र्द्धनारीश्वर कहलाए। मां सिद्धिदात्री सिंह वाहिनी, चतुर्भुजा व प्रसन्नवदना हैं। मां के कल्याणकारी स्वरूप का ध्यान हमारे भीतर प्रज्ञा, विवेक, ज्ञान व शीलता जैसे गुण उत्पन्न कर हमें प्रत्येक कार्य में सिद्धिहस्त बनाता है। साथ ही हमें दूसरों की सहायता करने को भी प्रेरित करता है।

आज का विचार

किसी भी कार्य में सिद्धि पाने के लिए चिंतन, गहन ध्यान और एकाग्रता आवश्यक है।

ध्यान मंत्र

ओम् ऐं हृीं क्लीं चामुंडायै विच्चे

ओम् सिद्धिदात्री देव्यै नम:।।

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