बदरीनाथ से निकाले 1366 यात्री

जोशीमठ: श्री बदरीनाथ धाम से फंसे यात्रियों को निकालने का काम हवाई व पैदल मार्ग से जारी रहा। रविवार को 1366 लोगों को पैदल व हवाई मार्ग से निकाला गया। जोशीमठ से एक हजार लोगों को वाहनों से घरों के लिए रवाना किया गया।

रविवार को दिनभर सात हेलीकॉप्टरों की मदद से 866 लोगों को हवाई मार्ग व 500 लोगों को पैदल मार्ग से जोशीमठ लाया गया है। अभी भी बदरीनाथ में फंसे लोगों की संख्या एक हजार तक है। बीआरओ भी बदरीनाथ हाइवे बनाने में जुटा हुआ है। बीआरओ ने सड़क बनाने के काम में हनुमानचट्टी व लामबगड़ दोनों ओर से शुरू किया गया है। इसके लिए बदरीनाथ से विष्णुप्रयाग परियोजना व अन्य कंपनियों के संसाधनों की भी मदद ली जा रही है। बीआरओ के आफिसर कमांडिंग राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि हाइवे बनाने के काम में पांच अधिकारी, 15 जेई, 180 जवान व 700 मजदूर लगे हैं।

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बांटी राहत

गोपेश्वर: प्रशासन ने लामबगड़, पांडुकेश्वर, गोविंदघाट, पुलना, भ्यूंडार में आपदा प्रभावित 394 परिवारों को प्रति परिवार 2700 रुपये की दर से 10 लाख 63 हजार 800 रुपए की धनराशि दी है। साथ ही आपदा में मरे उर्गम घाटी के आठ लोगों के आश्रितों को तीन-तीन लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है।

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प्रबंधन में सरकार फेल: भट्ट

जोशीमठ: नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि आपदा प्रबंधन में सरकार पूरी तरह फेल हो गई है। पत्रकारों से बातचीत में आपदा प्रबंधन में हीला हवाली पर उन्होंने मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में मृतकों की संख्या हजारों में है, मगर सरकार सही आंकड़ा अभी भी नहीं दे रही है।

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खाद्यान्न संकट

जोशीमठ: मलारी नेशनल हाइवे भापकुंड व अन्य स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से नीती घाटी के कैलाशपुर, मेहरगांव, फरकिया, बाम्पा, गमशाली, नीती आदि गांवों में खाद्यान्न संकट पैदा हो गया है। ग्राम प्रधान फरकिया लक्ष्मी देवी का कहना है कि जो राशन बची थी वह समाप्त हो गई है।

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लालटेन बांटी

जोशीमठ: उरेड़ा की ओर से आपदा प्रभावित लोगों को 108 लालटेन 300 रुपये प्रति लालटेन की दर पर वितरित की गई।

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