शवों को खा रहे कीड़े-मकोड़े, पहाड़ में फैली दुर्गंध

पानी भर जाने से पहाड़ों में अपने ‘घरों’ से निकले भूखे कीड़े-मकोड़े अब इंसानों के शव खा रहे हैं। गौरीकुंड, बदरीनाथ, रामबाड़ा में लावारिस पड़े कई शवों की आंखें गायब हैं। कई शवों के हाथ-पैर और छाती का मांस गायब है।

सड़ांध पहाड़ के माहौल में समा रही है। आईएमए के डाक्टर वापस आ गए हैं। कार्यवाहक महानिदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण डा. जेएस जोशी ने बताया कि मंगलवार से शवों का दाह संस्कार शुरू हो जाएगा।

पहाड़ों पर सेवा कार्य करके लौटे डाक्टरों का कहना है कि स्थिति बहुत खराब है। शवों के ऊपर शव पड़े हैं। इनमें सड़ांध पैदा हो गई है। कीड़े-मकोड़े और जानवर इन्हें खा रहे हैं।

वहां का वातावरण प्रभावित हो रहा है। आईएमए के प्रदेश सचिव डा. डीडी चौधरी ने बताया कि जो लोग बचे हैं, उन्हें वायरल संक्रमण, निमोनिया और खूनी पेचिश होने लगी है। उन्होंने बताया कि आईएमए की टीम वापस आ गई है।

एसोसिएशन की टीम में डा. हरीश कोहली, डा. राकेश कालरा, डा. गुलशन, डा. सौरभ मेहरा, डा. विक्रांत मेहरा आदि गए थे। कार्यवाहक महानिदेशक डा. जेएस जोशी ने बताया कि फोरेंसिक टीम पहाड़ पर पहुंच गई है।

उन्होंने बताया कि बहुत से शव अभी भी मलबे में दबे पड़े हैं, उन्हें भी निकाला जाना है।

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