स्मार्ट एंटरप्रेन्योर की ओर…

02_06_2015-2entrepreneurship1स्किल्ड और इनोवेटिव युवाओं द्वारा आए दिन शुरू किए जा रहे स्टार्ट-अप्स और उनकी कामयाबी को देखते हुए स्टडी में जुटे स्टूडेंट्स भी जॉब की बजाय एंटरप्रेन्योर के रूप में कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ने के सपने अब कहीं ज्यादा देखने लगे हैं। पढ़-लिखकर सिर्फ नौकरी के पीछे भागने की बजाय इस तरह की सोच उत्साहित करने वाली है। हालांकि बिना किसी बैकग्राउंड के अपना बिजनेस शुरू करने के लिए कई मोर्चों पर खुद को तैयार करने की जरूरत होती है। एक कामयाब एंटरप्रेन्योर बनने के लिए खुद को कैसे करें ग्रूम, बता रहे हैं अरुण श्रीवास्तव…
काउंसलिंग की प्रक्रिया में पिछले कुछ महीनों के दौरान ऐसे कई ईमेल मिले हैं, जो उत्साहित करने वाले हैं। आमतौर पर स्टूडेंट्स द्वारा किए जाने वाले अधिकतर सवाल जहां किसी खास करियर या पढ़ाई में मन न लगने के बारे में होते हैं, वहीं बीच-बीच में कुछ ऐसे सवाल भी होते हैं जिनमें यह पूछा जाता है कि, ‘मैं 11वीं में पढ़ रहा हूं। आगे करियर के रूप में कोई नौकरी करने की बजाय अपना बिजनेस करना चाहता हूं या स्टार्ट-अप शुरू करना चाहता हूं। इसके लिए मुझे किस तरह की पढ़ाई करनी होगी या ट्रेनिंग लेनी होगी।’ इस तरह के सवाल उन बच्चों के होते हैं, जिनका कोई कारोबारी बैकग्राउंड नहीं रहा है। जाहिर है कि इस तरह की सोच उनकी जागरूकता का ही परिचायक है। पिछले कुछ वर्षों में देश में युवा प्रतिभाओं द्वारा शुरू किए जाने वाले स्टार्ट-अप्स और उन्हेंं मिलती कामयाबी को देखकर ही अब तक नौकरी के पीछे भाग रहे युवाओं की सोच बदलती दिख रही है। तरह-तरह की स्टार्ट-अप कंपनियों से उन्हें प्रेरणा मिल रही है और उनमें उद्यमिता यानी एंटरप्रेन्योरशिप की इच्छा हिलोर मार रही है।
बेसिक स्किल्स
अगर आप भी करियर के रूप में नौकरी की बजाय अपनी पसंद का कारोबार करने में दिलचस्पी रखते हैं, तो इसके लिए आपको अभी से इस दिशा में तैयारी करनी होगी। अगर आप 11वीं या 12वीं में पढ़ रहे हैं, तो सबसे पहले गुणवत्तायुक्त एजुकेशन पर ध्यान देते हुए अपने नजरिए को व्यापक बनाना होगा। बेहतर यही होगा कि आप 12वीं के बाद अपनी पसंद की किसी प्रोफेशनल स्ट्रीम से ग्रेजुएशन करें। प्रोफेशनल स्टडी के रूप में आप बीटेक, डिप्लोमा, बीबीए, बीसीए, होटल ऐंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट, डिजाइनिंग आदि की पढ़ाई कर सकते हैं। अंडर-ग्रेजुएट कोर्स के बाद अगर अपनी योग्यता और बढ़ाना चाहें, तो पोस्ट ग्रेजुएशन भी कर सकते हैं। एंटरप्रेन्योरशिप के लिए एमबीए या पीजीडीएम करना भी बेहद उपयोगी हो सकता है।
जानें बुनियादी बारीकियां
आप जिस भी क्षेत्र में बिजनेस आरंभ करना चाहते हैं, उससे जुड़ी सभी बातों को जानने-समझने का प्रयास करें। ऐसा करके आप अपने कारोबार के सफल होने की संभावना कई गुना बढ़ा सकते हैं। उस बिजनेस से जुड़े लोगों से मिले-जुलें और विनम्रता के साथ उनके अनुभव-सबक सुनें, उनसे सीखें। हो सके, तो ऐसे संस्थानों को कुछ समय के लिए ज्वाइन भी कर लें। इससे आपको उस काम से जुड़ी बातों का व्यावहारिक ज्ञान हो सकेगा। किसी के बताने और किताबों में पढ़ने से ज्यादा आप प्रैक्टिकली काम करके सीख सकते हैं। इससे आपको यह भी पता चल सकता है कि उस काम में कहां-कहां दिक्कत आती है और उसे कैसे सुलझाया जा सकता है।
मार्केटिंग की संभावनाएं
आप जिस फील्ड में काम करने जा रहे हैं, उसमें आपके प्रोडक्ट या सर्विसेज का मार्केट क्या होगा, उस तक कैसे पहुंचेंगे, कैसे पब्लिसिटी करेंगे, नेटवर्क कैसे बनाएंगे आदि जैसी बातों पर पूरा होमवर्क पहले ही कर लें, ताकि काम शुरू होने पर अचानक समस्या सामने न आए।
फाइनेंशियल तैयारी
किसी भी बिजनेस के लिए एक न्यूतनतम पूंजी की जरूरत होती है। इसे आप अपनी बचत, घर-परिवार के सहयोग या फिर बैंक/एनबीएफसी से लोन के रूप में जुटा सकते हैं। आपको यह भी देखना होगा कि आपके काम का रिटर्न कब से मिलना आरंभ होगा, आपको उस समय तक के लिए रिजर्व फाइनेंस की व्यवस्था करके रखनी होगी।
टेक्निकल सपोर्ट
आज के समय में किसी भी तरह का काम आरंभ करने के लिए मैनुअल से ज्यादा टेक्निकल सपोर्ट पर ध्यान दिया जाता है, ताकि कम समय में गुणवत्तायुक्त प्रोडक्ट या सर्विस उपलब्ध कराई जा सके। अगर आप किसी तरह का प्रोडक्शन करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको एडवांस मशीनें लगानी होंगी और अगर किसी तरह की सर्विस प्रोवाइड कर रहे हैं, तो ऑनलाइन, ईमेल, डिजिटल मार्केटिंग, फेसबुक, यूट्यूब, ऐप्स आदि के स्तर पर खुद को तैयार रखें।
भरोसेमंद-मजबूत टीम
अपने बिजनेस या स्टार्ट-अप के लिए स्टाफ रखते समय बेहद सतर्क रहें। मल्टीटास्कर, डेडिकेटेड और पॉजिटिव एटीट्यूड रखने वाले ऐसे स्किल्ड लोगों को हायर करें, जिनमें विनम्रता के साथ सीखने की उत्सुकता हो। जो आपकी बातों को गौर से सुनकर उसे कामयाबी के साथ पूरा करने की स्ट्रेटेजी बनाएं। टीम के मेंबर्स मिलकर काम करें। कोई चैलेंजिंग टास्क मिलने पर घबराने या पीछे हटने की बजाय आगे बढ़कर उसे स्वीकार करें। नियमित रूप से मार्केट और इंडस्ट्री पर नजर रखते हुए नए आइडियाज सामने रखें।
संभल के रखें कदम
हर तरह की बारीकी की जानकारी हासिल करने और जरूरी संसाधन जुटाने के बाद आप काम की शुरुआत कर सकते हैं। अच्छे शुरुआती नतीजों से ज्यादा जोश में आने या खराब नतीजों से हतोत्साहित होने की बजाय संयम बनाए रखें। आरंभिक असफलता से घबराएं नहीं, बल्कि इस बात पर विचार करें कि आखिर किस कारण ऐसा हो रहा है, चूक कहां रह गई है? इस बात का पता लगाने के बाद उसे दूर करने का प्रयास करें। अपने नजरिए को हमेशा पॉजिटिव रखें।
* एंटरप्रेन्योर बनना है, तो संबंधित फील्ड में खुद को स्किल्ड बनाएं।
* उस क्षेत्र से जुड़ी सभी बारीकियों पर जमकर होमवर्क करें।
* फाइनेंशियल और टेक्निकल संसाधन जुटाने का प्रयास करें।
* संभावित मार्केट की तलाश करें और उसमें अपने प्रोडक्ट/सर्विस को प्रभावी तरीके से स्थापित करने के ट्रिक ढूंढ़ें।

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