हेलीकॉप्टर दुर्घटना से नहीं टूटेंगे सेना के इरादे: ब्राउन

देहरादून। उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा के बाद राहत कार्य में जुटा वायुसेना का एमआइ 17 वी5 हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद भी सेना मजबूत इरादों के साथ अपना राहत अभियान जारी रखेगी। बुधवार को हेलीकॉप्टर दुर्घटना स्थल का दौरा करने के दौरान वायुसेना अध्यक्ष एनएके ब्राउन ने कहा कि ये दुर्घटना सेना के मंसूबो को नहीं तोड़ पाएगी। सेना उसी जज्बे के साथ जान का जोखिम लेकर आपदा में फंसे लोगों की जान बचाएगी।

इसके साथ ही ब्राउन ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर की जांच के लिए कमांडो भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर का डेटा वॉयस रिकॉर्डर मिल गया है और इसे जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा जाएगा।

इधर, उत्तराखंड में आज भी भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। विभाग के मुताबिक आने वाले तीन दिनों में पड़ोसी राज्य हिमाचल सहित पहाड़ों पर जमकर बारिश होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों के भीतर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई इलाकों में भारी बारिश का अंदेशा है।

गौरतलब है कि राहत कार्य में जुटा भारतीय वायुसेना का एमआइ 17-वी5 हेलीकॉप्टर के कल दुर्घटनाग्रस्त होने से 20 लोगों की जान चली गई है। गौरीकुंड के नजदीक हुई इस दुर्घटना के शिकार हुए लोगों में से 13 के शव मिल गए हैं, शेष की तलाश का काम जारी है। इसके लिए चार हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है।

एमआइ 17 वी5 हेलीकॉप्टर पहाड़ों में फंसे लोगों को निकालने के लिए पिछले आठ दिनों से राहत कार्य में जुटा था, जो मौसम खराब होने की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हेलीकॉप्टर अत्यंत उच्च गुणवत्ता वाला था और इसे गत वर्ष ही रूस से खरीदकर वायुसेना में शामिल किया गया था। यह 80 हेलीकॉप्टर खरीद के सौदे का हिस्सा था। इस हेलीकॉप्टर से युद्धस्थल पर भारी वाहनों और उपकरणों को भी ले जाया जा सकता है।

उत्तराखंड में बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की वजह से इसकी सेवाएं ली गई। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एम शशिधर रेड्डी के अनुसार हेलीकॉप्टर में वायुसेना के चालक दल व अन्य कर्मियों के साथ आइटीबीपी और एनडीआरएफ के जवान भी थे। यह हेलीकॉप्टर राहत सामग्री और अंतिम संस्कार का सामान लेकर गौचर से केदारनाथ के लिए उड़ा था। केदारनाथ से वापसी के दौरान यह गौरीकुंड के तोशी गांव के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

नई दिल्ली में वायुसेना के प्रवक्ता के अनुसार दुर्घटना के शिकार लोगों में वायुसेना के चार अधिकारी समेत पांच कर्मी शामिल हैं। मृतकों में एक विंग कमांडर, दो फ्लाइंग लेफ्टिनेंट, एक जूनियर वारंट ऑफिसर और एक सार्जेट हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वायुसेना के गरुड़ कमांडो ने इन शवों को निकाला।

गौचर हवाई पंट्टी पर मौजूद वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का मंगलवार को केदारनाथ का यह तीसरा चक्कर था। दुर्घटना की बड़ी वजह इलाके में वर्षा और धुंध हो सकती है। दुर्घटना का शिकार हुआ हेलीकॉप्टर पूर्वी कमान के पश्चिम बंगाल स्थित बैरकपुर वायुसेना अड्डे पर मूल रूप से तैनात था। वायुसेना ने दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। राहत कार्य के दौरान हुई यह दूसरी हवाई दुर्घटना है। रविवार को एक प्राइवेट हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के नजदीक दुर्घटना का शिकार हो गया था। उसमें उसका पायलट घायल हो गया था।

शहीद वायुसेना कर्मियों की सूची

1. विंग कमांडर डेरेल केस्टेलीनो

2. फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रवीण

3. फ्लाइट लेफ्टिनेंट पी कपूर

4. जूनियर वारंट ऑफीसर एके सिंह

5. सार्जेट सुधाकर

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY