ग्वालियर सीट हारने के बाद गंगोत्री धाम आए थे अटल जी, मां गंगा ने दिया था PM बनने का आशीर्वाद

देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से सारे देश में शोक की लहर है। उत्तरकाशी जिला भी इससे अछूता नहीं है। जानकारी के अनुसार, वाजपेयी जी ने 3 बार उत्तरकाशी जिले का दौरा किया। अटल जी के विचारों से जुड़ी कुछ बातों को जनसंघ के वयोवृद्ध नेता सुरतराम नौटियाल ने साझा किया। नौटियाल ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में अटल जी का बहुत अहम योगदान रहा। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि अटल जी 1984 में ग्वालियर सीट से लोकसभा चुनावों को हारने के बाद अपने सहयोगी शिव कुमार के साथ गंगोत्री धाम की यात्रा पर आए। इस दौरान नौटियाल भी उनके साथ गंगोत्री धाम गए।

अटल जी ने गंगोत्री धाम के रावल कमलेश्वर प्रसाद सेमवाल से गंगा पूजा करवाई। उस समय अटल जी रावल को दक्षिणा दे रहे थे लेकिन रावल ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मां गंगा का आशीर्वाद आपके साथ है, आप एक दिन अवश्य देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। उस समय अटल जी ने रावल की बात को मजाक में टाल दिया लेकिन मां गंगा के आशीर्वाद से वह देश के प्रधानमंत्री बने। उनके शपथ ग्रहण का न्यौता रावल कमलेश्वर प्रसाद सेमवाल को भी आया था।

इसके अतिरिक्त नौटियाल ने बताया कि अटल जी ने 1984 में ही उत्तराखंड के अलग राज्य का सपना देख लिया था। इसके साथ ही हर्षिल की खूबसूरती को देखकर अटल जी ने कहा कि ऐसी प्रकृति भगवान ने कहीं नहीं दी। वहीं पहाड़ की नारियों की पीड़ा देखकर अटल जी ने 1984 में कहा कि अगर कभी सत्ता में आए तो एक अलग राज्य पहाड़ को देंगे और उन्होंने राज्यवासियों के साथ अपना वादा पूरा किया। नोटियाल ने बताया कि अटल जी पठानी सूट पहनते थे लेकिन हर्षिल में नौटियाल के अनुरोध पर उन्होंने धोती-कुर्ता पहना था।

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