सतरंगी रोशनी (लेजर तकनीक) से सराबोर होगा बाबा का धाम

नीरज उत्तराखंडी

29अप्रैल को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ के कपाट अगले छह माह के लिए खोल दिये जायेंगे। इस बार बाबा केदारनाथ की यात्रा को यादगार बनाने के लिए धाम में हर रात्रि को लेजर शो का आयोजन किया जायेगा। गुजरात की अक्षय इन्टरनेशनल कम्पनी इस शो का आयोजन करेगी और 29 अप्रैल से चार मई तक हर रात्रि बाबा की महाआरती के बाद यह शो होगा। शो के जरिये बाबा केदारनाथ की स्थापना से लेकर यहां के प्रसिद्व धामों व आपदा से पहले तथा आपदा के बाद के कार्यों को भी तीर्थयात्रियों को बताया जायेगा। लेजर शो को लेकर बीती रात्रि ट्रायल शो  किया गया जो कि सफल रहा। 29 अप्रैल से धाम में यह शो शुरु होगा और बाबा का मंदिर सतरंगी रोशनी से सराबोर होगा। शो मंदिर की बाहरी दीवारों पर दिखाया जायेगा।

इससे पहले कल ग्याहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने की परंपरा शुरु हो चुकी है। बृहस्पतिबार को सुबह करीब साढे नौ बजे पौराणिक परंपराओं के अनुसार बाबा की पंचमुखी चल विग्रह  डोली ने पंचकेदारगद्दी स्थल उखीमठ से केदारधाम के लिए प्रस्थान कर दिया है। सैकडों श्रद्वालुओं व 10 जम्मू कश्मीर की मीठी बैंड धुनों पर थिरकते हुए बाबा की डोली को कैलाश के लिए विदा किया गया। डोली बृहस्पतिबार को प्रथम पडाव फाटा में रात्रि विश्राम करेगी दूसरे पडाव के लिए गौरीकुण्ड स्थित गौरा माई मंदिर पंहुची और आज  डोली केदारपुरी पहुंचेगी। 29 अप्रैल को प्रात 6 बजकर 15 मिनट पर बाबा के कपाट खुल जायेगे। आज सुबह से बाबा की डोली प्रस्थान की वैदिक परंपराएं शुरु हो गयी थी केदारनाथ जी के रावल भीमाशंकर लिंग महाराज ने केदारनाथ के मुख्य पुजारी को बाबा के कपाटों की चाबी सौंपी और फिर श्रद्वालुओं के जयकारों के बीच बाबा की डोली ने प्रस्थान किया। बता दें कि केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों में एक 11 वां ज्योर्तिलिग है यहां पर भगवान के पश्च भाग की पूजा होती है। और महज छह माह ग्रीष्मकाल में ही बाबा के केदारनाथ के दर्शन होते हैं शीतकाल में कपाट बन्द होने के बाद उखीमठ आते हैं।

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