जम्‍मू-कश्‍मीर में बीजेपी ने पीडीपी से तोड़ा गठबंधन, आज ही इस्तीफा देंगी महबूबा

भारतीय जनता पार्टी ने जम्‍मू-कश्‍मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। भाजपा के जम्‍मू-कश्‍मीर के प्रभारी राम माधव ने इस बात की जानकारी एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान दी। उन्‍होंने बताया कि जम्‍मू-कश्‍मीर में अब पीडीपी के साथ मिलकर सरकार चलाना संभव नहीं है। एक विशेष बैठक के दौरान ये फैसला लिया गया कि पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया जाए। 87 सीटों वाली जम्‍मू-कश्‍मीर विधानसभा में भाजपा के पास 25 सीट और पीडीपी के पास 28 सीटें हैं।

राम माधव ने कहा कि हमने सबकी सहमति से आज यह निर्णय लिया है कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा अपनी भागीदारी को वापस लेगी। पीडीपी-बीजेपी गठबंधन को लेकर आगे चलना संभव नहीं होगा। जनता के जनादेश को ध्यान में रखकर हमने जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार चलाने का निर्णय लिया था। लेकिन अब जम्मू-कश्मीर में फ्रीडम ऑफ स्पीच खतरे में है। हाल में ही वहां एक वरिष्‍ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या कर दी गई थी। केंद्र हमेशा जम्मू-कश्मीर सरकार को मदद देती रही है। जम्मू-कश्मीर को 80 करोड़ रुपये का विकास का पैकेज दिया गया। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद जाकर वहां के हालात का समय-समय पर जायजा लिया। लेकिन हालात नहीं सुधर रहे हैं। ईद के बाद सीजफायर की अवधि आगे ना बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने सेना को ऑपरेशन ऑल आउट फिर से शुरू करने की इजाजत दे दी है। लेकिन आतंकी हमले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। जम्‍मू-कश्‍मीर में शांति की पहल के लिए आगे बढ़ने वालों को टारगेट किया जा रहा है। पत्रकार शुजात भी शांति और अमन की बात करते थे, जिन्‍हें मौत के घाट उतार दिया गया। लेकिन अब सेना ने भी आतंकियों को टारगेट करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ये कार्रवाई और तेज होगी।

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