सांस्कृतिक मानचित्रण! उत्तराखंड के एक लाख कलाकारों का डाटा बैंक होगा तैयार।

संजय चौहान

देश- दुनिया में मिलेगी कला को पहचान! 

अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो आने वाले दिनों में देश ही नहीं बल्कि दुनिया के लोग उत्तराखंड के कलाकारों से रूबरू होंगे और यहाँ की कला को नयी पहचान भी मिलेगी।

गौरतलब है कि भारत के संस्कृति मंत्रालय की बहुचर्चित सांस्कृतिक मानचित्रण परियोजना धरातल पर चरितार्थ होने जा रही है। इस परियोजना के तहत देश के सभी राज्यों में सभी विधाओं के कलाकारों की विस्तृत जानकारी एकत्रित की जायेगी और ये जानकारी डाटा बैंक में रखी जायेंगी। पूरे विश्व के लोग इस डाटा बैंक के जरिए यहाँ के कलाकार और उनकी कला के बारे में जान पायेंगे। यह परियोजना पूरे देश में दो साल की अवधि के तहत पूरी होगी। उत्तराखंड राज्य से इस परियोजना की शुरुआत की जा रही है। जिसमें पूरे प्रदेश के लगभग एक लाख कलाकारों का डाटा बैंक तैयार किया जायेगा। जो दिसम्बर तक तैयार होगा। इसके तहत उत्तराखंड में अगस्त महीने में पांच गाँव फिर 16 विकासखंडो में इस पाइलेट प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी जिसके बाद पूरे प्रदेश में इसको अमलीजामा पहनाया जायेगा। विगत दिनों इस परियोजना की रूपरेखा पर परिचर्चा को लेकर देहरादून मे एक बैठक भी आयोजित की गई थी।

वास्तव मे देखा जाय तो भारत सरकार की सांस्कृतिक मानचित्रण परियोजना को यदि सही रूप मे क्रियान्वयन कर अमलीजामा पहनाया गया तो आने वाले दिनों मे ये परियोजना यहाँ के कलाकारों और कला को देश दुनिया में नयी पहचान दिलायेगा। उम्मीद की जानी चाहिए की ये परियोजना अपने उद्देश्य में सफल साबित हो। आप लोगों से निवेदन है कि अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक कलाकारों को इस परियोजना से जोडे और डाटा बैंक तैयार करें।

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