बारिश के कारण खेतों ढह गई धान की फसल

नीरज उत्तराखंडी

पुरोला।। बीते शुक्रवार से हो रही लगातार भारी बारिश से क्षेत्र के किसानों के चेहरे से रौनक गायब कर दी है।रंवाई घाटी की कमल सिराईं और रामा सिराईं पट्टी में बहुतायत से पैदा होने वाला चरधान (लाल चावल) अपनी अच्छी किस्म, स्वाद और पौष्टिकता लिए चिर परिचित है और यहाँ के किसानों की आजीविका का एक बहुत बड़ा साधन भी है। लेकिन इस बार हो रही बेमौसमी बारिश इसके लिए बहुत बड़ा खतरा बन गयी है।गौरतलब है कि यहां के किसानों की लाल चावल मुख्य फसल है खेतों में खड़ी फसल अति वर्षा से खराब हो गयी है धान झड़ गया है। खेतों में बारिश का पानी भरने से धान की फसल को सड़ने का खतरा हो गया है।वहीं दूसरी ओर दूसरी किस्म का धान जिसकी कटाई हो चुकी है बारिश के कारण मंडाई न होने से खेतों में ही सड़ रहा है।जिस से क्षेत्र के किसानों के सामने एक बड़ा संकट पैदा हो गया है।। किसान संगठन के अध्यक्ष प्रकाश कुमार का कहना है कि किसानों के सामने आजीविका का संकट आ खड़ा हो गया है इस पर सरकार को किसानों को राहत के लिए आगे आने की जरूरत है। वहीं नवक्रान्ति के संयोजक गजेंद्र चौहान एवम खलाड़ी के उद्यमी किसान हकुमत सिंह,बृजमोहन,सरदार सिंह रावत,मनमोहन सिंह,आदि का कहना है कि सरकार हमेशा से क्षेत्र के किसानों की उपेक्षा करती है देश मे कई राज्यों के किसानों का कर्ज माफ किया गया है तो हमारे प्रदेश में क्यों किसानों की उपेक्षा हो रही है।पहले हमारे टमाटर और मटर की फसल भी ऐसे ही बर्बाद हुई है और अब 4 महीने की मेहनत पर पानी फिर गया है। पेट का भरण पोषण के लिए धान की फसल का इंतजार रहता है वह भी बर्बाद हो गयी है।

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