चमोली की डीएम स्वाति भदोरिया की कार्यशैली का हर कोई मुरीद। बेटे का आंगनबाडी केंद्र में दाखिला कर खींची नयीं लकीर!

 संजय चौहान

इन दिनों पूरे चमोली का जिम्मा मात्रशक्ति के कंधों पर है। चिपको नेत्री गौरा की धरती पर सभी शीर्ष आला अधिकारी महिलाएँ हैं जो वर्तमान में अपनी जिम्मेदारीयों का भलीभाँति निर्वहन कर रही है साथ ही ये अधिकारी सूबे में अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं। इन्हीं अधिकारियों में है जनपद की पहली महिला जिलाधिकारी स्वाति भदोरिया भी हैं जिनकी कार्यशैली का हर कोई मुरीद है।

चमोली की 42 वीं और पहली महिला जिलाधिकारी हैं स्वाति भदोरिया!

1960 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने पौड़ी गढ़वाल जिले से एक हिस्से को अलग कर सींमात जनपद चमोली का गठन किया था। तब से अब तक चमोली में 26 आइएएस अधिकारी जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। जबकि, राज्य गठन के बाद 15 जिलाधिकारियों ने सेवाएं दीं। लेकिन अब तक किसी भी महिला आइएएस अधिकारी को जिलाधिकारी के रूप में सेवा का अवसर नहीं मिला था। पहली बार महिला जिलाधिकारी के रूप में स्वाति एस.भदौरिया को जिले की कमान सौंपी गई है। वह चमोली की 42वीं जिलाधिकारी हैं। नवनियुक्त जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया वर्ष 2012 बैच की आइएएस हैं। इससे पहले वे हरिद्वार जिले की मुख्य विकास अधिकारी रह चुकी हैं। छत्तीसगढ़ कैडर की आईएएस अधिकारी स्वाति श्रीवास्तव नें शादी के बाद अपने पति के साथ उत्तराखंड कैडर चुना। उनके पति 2011 बैच के आईएएस नितिन सिंह भदौरिया वर्तमान में जिलाधिकारी अल्मोडा हैं। इससे पहले दोनों आइएएस दंपति हरिद्वार जनपद में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। हरिद्वार में दोनों ने अपनी कार्यशैली से हर किसी को अपना मुरीद बना दिया था।

कार्यशैली से किया बेहद प्रभावित! आमजन भी हुये मुरीद।

जुलाई माह में स्वाति भदौरिया ने चमोली जिले की कमान संभाली। जनपद में कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होने आपदा, भूस्खलन, चारधाम यात्रा और पहाड़ की विषम परिस्थितियों को चुनौती मानकर अपने काम को बखूबी अंजाम दिया। जिसकी बानगी चारधाम यात्रा के दौरान क्षेत्रपाल भूस्खलन क्षेत्र हो या फिर लामबगड, आपदा प्रभावित झलिया गाँव, रतगांव की सुध लेना, स्कूलों में औचक निरीक्षण कर सरकारी व्यवस्था की जानकारी लेना, जनता दरबारों के माध्यम से आमजन की समस्याओं से वाकिफ होना और समस्याओं के निराकरण का हरसंभव समाधान निकालना, विभागों की समीक्षा बैठक लेना हो या फिर राष्ट्रीय कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन के जरिए साफ दिखाई देती है।

हिमालयन काॅनक्लेव और काॅफी टेबल बुक चमोली के जरिए नयी सोच और दूरगामी परिणाम को अमलीजामा!

जनपद चमोली के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र के कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प उत्पादों एवं इस क्षेत्र के अन्य स्थानीय उत्पादकों के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की पहल के तहत दिनाँक 26 एवं 27 अक्टूबर 2018 को ” Himalayan Conclave: Where Livelihood meets Sustainability” नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस इवेंट के माध्यम से क्रेता एवं विक्रेता के अन्तर्सम्बन्धों को सशक्त बनाने तथा स्थानीय उत्पादकों को आधुनिक एवं एक बड़ा बाजार उपलब्ध कराया गया। इस सम्मेलन में क्रेता के रूप में ऑनलाइन मार्केटिंग कम्पनियाँ तथा देश भर की अन्य प्रतिष्ठित कम्पनियों नें प्रतिभाग किया जिसका फायदा यहाँ के लोगों को मिला। कई मायनों में चमोली के कालेश्वर में पहली मर्तबा आयोजित हिमालयन काॅनक्लेव बेहद सफल साबित हुआ जो आने वाले दिनों मे नई इबादत लिखेगा। वहीं दूसरी ओर काॅफी टेबल बुक चमोली के जरिए पर्यटन को बढावा देने की कयावद की जा रही है।

— और खुद काटने लगी धान!

धान की फसल का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए जब जिलाधिकारी स्वाति भदोरिया एक गाँव में गई तो खुद ही धान काटने लगी। जिसके बाद हर किसी ने जिलाधिकारी की भूरी भूरी प्रशंसा की।

आंगनबाडी केंद्र में कराया बेटे का दाखिला, लोग हुये हतप्रभ!

विगत दिनों जिलाधिकारी स्वाति भदोरिया नें गोपेश्वर के आंगनबाडी केंद्र में अपने बेटे का दाखिला करवाया। जिलाधिकारी के बेटे का दाखिला आंगनबाडी केंद्र मे होने से हर कोई अंचभित हो गया। जबकि इस पहल से लोगों का नजरिया आंगनबाडी केंद्र के प्रति बदल गया है।

निःशुल्क कोचिग से मेधावी युवाओं के सपनों को लगेंगे पंख!

युवाओं के सामने एक विकल्प भविष्य सवारने का
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अभिवन पहल पर शीघ्र ही जिले में कोचिंग सेन्टर शुरू होने जा रहा है। जिसमें स्नातक पास मेधावी छात्र-छात्राओं को आईएएस, पीसीएस, बैंकिग तथा अधीनस्थ चयन सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं की तैयारियों के लिए प्रोफेशनल टीचरों द्वारा निःशुल्क कोचिग दी जायेगी।

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदोरिया नें महज 4 महीने के अपने संक्षिप्त कार्यकाल में नयी उम्मीदों को पंख लगाये हैं। अपनी कार्यशैली से उन्होंने हर किसी को अपना मुरीद बना दिया है। साथ ही सरकारी तंत्र के प्रति लोगों का भरोसा भी बढ़ा है। आशा करते है कि आने वाले दिनों मे उनकी ये अभिनव पहल बदस्तूर जारी रहेगी।

 

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