खर्च नहीं उठा पा रहा था पिता, तो कर दी अपने ही बेटे की हत्या

रूड़की के मंगलौर में बेरहम पिता ने अपने ही पांच साल के मासूम बेटे की हत्या कर लाश गन्ने के खेत में फेंक दी।  अपने ही पांच साल के बेटे और घर के इकलौते चिराग को बाप ऐसी दर्दनाक मौत दी कि पूरा परिवार सदमे में है। सोमवार को मृतक धैर्य का जन्म जब  पांच साल पहले हुआ तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा था। इसकी वजह परिवार में पहला बेटा पैदा होना रहा। डा. सुशील अग्रवाल के दो बेटे शोभित और सौरभ हैं। सौरभ की अभी कोई संतान नहीं है। ऐसे में धैर्य ही दादा डा. सुशील अग्रवाल और दादी स्नेहलता सहित पूरे परिवार की आंखों का तारा था। लोग बताते हैं कि दादा-दादी इकलौता वारिस होने पर पोते की हर इच्छा का ख्याल रखते थे, लेकिन बाप ने चिप्स दिलाने के बहाने बाहर ले जाकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना पर धैर्य की मां को विश्वास ही नहीं हो रहा है। वह बार-बार बेहोश होकर धैर्य को ही पुकार रही है। यही हाल परिवार के बाकी सदस्यों का भी है। महज आर्थिक तंगी से अपने मासूम बेटे की हत्या की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। पुलिस मान रही है कि उधार की बड़ी रकम चुकाने के लिए हत्यारा पिता अपने डाक्टर पिता से ही फिरौती की बड़ी रकम लेने की योजना बना रहा था। हालांकि आरोपी पिता धैर्य की मौत का कारण आर्थिक तंगी को ही बता रहा है। हत्यारा पिता शोभित अग्रवाल भले ही आर्थिक रूप से कमजोर हो, लेकिन उसके पूरे परिवार की स्थिति ठीकठाक है। शोभित ने पहले मेडिकल स्टोर की दुकान खोली थी, लेकिन वह चली नहीं तो उसे बंद कर दिया। वह चिप्स दिलाने के बहाने उसे ले गया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। पकड़ में आने के बाद वह आर्थिक तंगी की बात कहने लगा। उसके पास पशु चारे से जुड़ी एजेंसी थी। शोभित के पिता डा. सुशील अग्रवाल बीएएमएस हैं और क्लीनिक चलाते हैं। उनकी पहचान हिंदू संगठन के नेता और समाजसेवी के रूप में है। शोभित की मां स्नेहलता भी सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में शिक्षिका हैं। वहीं भाई सौरभ पैथोलॉजी संचालित करता है। ऐसे में आर्थिक तंगी से बेटे और परिवार का खर्च नहीं उठा पाने की बात पर किसी के गले नहीं उतर रही है। सपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि आरोपी पिता का कहना था कि उसके बच्चे का खर्च दस हजार रुपये महीना था, लेकिन इसे ही हत्या की वजह मानना काफी नहीं है। उन्होंने बताया कि लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शोभित अग्रवाल पर लाखों का कर्ज था। ऐसे में यह आशंका है कि उसने बेटे की अपहरण की साजिश रचकर अपने परिजनों  से ही फिरौती के रूप में मोटी रकम हासिल करने की योजना बनाई है। पुलिस सभी पहलुओं की बारीकि से पड़ताल कर रही है।

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