अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट का भंडाफोड़, 3 लाख देकर निकाल रहे थे किडनी

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देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर रेशम माजरी में स्थित उत्तरांचल डेंटल कॉलेज परिसर में चल रहे गंगोत्री चैरिटेबल हॉस्पिटल में अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस को चार लोग मिले हैं, जिसमें दो लोगों की किडनी निकाली जा चुकी थी। दो की किडनी निकालने की तैयारी थी। पुलिस ने एक दलाल को गिरफ्तार किया है जबकि हॉस्पिटल के केयर टेकर, समेत चार लोग फरार हो गए। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीती रात सूचना मिली कि उत्तरांचल डेंटल कॉलेज लालतप्पड़ के परिसर में संचालित गंगोत्री चैरिटेबल हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट करने का अवैध काम किया जा रहा है। यह भी जानकारी मिली कि चार लोग किडनी निकलवा कर हरिद्वार के रास्ते दिल्ली ले जाए जा रहे हैं। किडनी चोरी या खरीद-फरोख्त की घटनाओं पर नजर डाली जाए तो सिर्फ एक ही नाम सामने आ रहा है, वो है डॉ.अमित। डॉ.अमित कई राज्यों में नाम बदलकर इस तरह के कामों को अंजाम दे चुका है। पुलिस विवेचना में ही यह बात साफ हो पाएगी कि फरार अमित रावल आखिर कौन है।  गुरुग्राम में वर्ष 2013 में सामने आए सबसे बड़े किडनी कांड का मास्टर भी डॉ.अमित नाम का शख्स ही था। 600 के करीब किडनी चोरी करने वाले डॉ.अमित का जाल 10 देशों तक फैला होने की बात उजागर हुई थी। जिन लोगों की किडनी निकाली गई उन्हें दिल्ली ले जाते समय हरिद्वार में सप्तऋषि चौकी पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस की कड़ी पूछताछ में इन लोगों ने रैकेट का राज उगला। इस पर पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े कार चालक जावेद खान पुत्र सरवर खान निवासी ए-2 रूम नंबर 603 ग्रीन पार्क सोसाइटी एसजी स्कूल, एसबी रोड, शांताक्रुज, मुंबई को गिरफ्तार कर लिया।

तीन लाख रुपये में हुआ था सौदा:

दलाल जावेद इन चारों को किडनी के बदले तीन-तीन लाख रुपये दिलाने का वादा कर यहां लाया था। यहां कृष्णा दास और शेखताज अली की किडनी निकाली गई। लेकिन भाव जी भाई और सुसामा ने पैसे लिए बिना किडनी निकलवाने से इनकार कर दिया। इसी दौरान दोनों ने अस्पताल में शोर मचा दिया। पोल खुलने की डर से अस्पताल प्रशासन ने इन चारों को जावेद खान के साथ दिल्ली रवाना कर दिया।

 

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