किरण ने लिखी सफलता की इबारत, राष्ट्रीय कब्बडी में चयनित होकर मनवाया प्रतिभा का लोहा।

नीरज उत्तराखंडी
जनपद उत्तरकाशी के विकास खण्ड मोरी के सालरा गाँव की रहने वाली किरण ने  राष्ट्रीय कब्बडी में  चयनित होई
सीमित संसाधनों में राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में जगह बनाना अपने आप में किसी आश्चर्य से कम नहीं है।विद्यालय में खेल मैदान के अभाव के चलते भी किरण ने यह साबित कर दिखाया की यदि आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छाशक्ति, संकल्प और समर्पण हो तो संसाधनों के अभाव में भी सफलता किरण फैलाई जा सकती है। ऐसा की कुछ कर दिखाया राजकीय बालिका इण्टरमीडिएट कालेज पुरोला की कक्षा 9 की छात्रा किरण रावत ने । किरण के अन्दर छूपी खेल प्रतिभा को पहचाने, तराशनेऔर निखारने में उनकी व्यायाम शिक्षिका सीमा देशवाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है जिन्होंने विद्यालय में खेल मैदान न होने के बावजूद भी किरण के अन्दर छूपी खेल प्रतिभा को उभार कर राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचकर गुरू की गरिमा का गौरव बनायें रखा।
राजकीय बालिका इण्टरमीडिएट कालेज पुरोला में कक्षा 9 की छात्रा किरण रावत का अंडर 17 राष्ट्रीय कब्बडी खेल में चयन होने से क्षेत्र में खुशी की लहर है। किरण रावत मोरी ब्लाक के सुविधा विहीन गाँव सालरा की रहने वाली है इनकी माता का विरी देवी गृहणी तथा पिता का प्रताप सिंह रावत किसान है। किरण ने जिला स्तर की कब्बडी प्रतियोगिता में चिन्यालीसौड में तथा राज्य स्तर प्रतियोगिता में डाकपत्थर में आयोजित सेमिनार में प्रतिभाग किया और सबको अपनी विलक्षण खेल प्रतिभा से दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर कर दिया । अब यह बालिका उज्जैन में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की अंडर 17 की कब्बडी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगी। खुशी से ओतप्रोत कालेज की प्रधानाचार्या वन्दना ढोढियाल ने कहा है कि किरण के अन्दर विलक्षण प्रतिभा छूपी है। स्कूल में खेल मैदान के अभाव के बावजूद भी छात्रा के अन्दर छूपी खेल प्रतिभा उभारनेऔर किरण को सफलता के मुकाम तक पहुंचाने के पीछे व्यायाम शिक्षिका सीमा देशवाल की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है । वही व्यायाम शिक्षिका सीमा देशवाल का कहना है कि विद्यालय में खेल मैदान का अभाव होने से स्कूल के पास बंजर खेत को खेल मैदान मान कर खेल प्रतिभाओ को निखारने में कठिनाई का सामना भी करना पड़ा कभी-कभी तो खेत स्वामी से कहासुनी हो जाया करती थी लेकिन हमारे अनुनय-विनय के बाद वे भी मान जाया करते थे ।छात्रा की सफलता का श्रेय किरण की कड़ी मेहनत तथा प्रधानाचार्य वन्दना ढोढियाल के कुशल नेतृत्व और मार्ग दर्शन को देती है। वही किरण अपनी सफलता का श्रेय व्यायाम शिक्षिका के मार्ग दर्शन तथा विद्यालय के समस्त शिक्षिकाओं तथा माता पिता के आशीर्वाद को देती है तथा भविष्य में खेल में देश नाम रोशन करना चाहती है।
विद्यालय की शिक्षिकाओं सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा खेल प्रेमियों ने किरण को बधाई दी है।

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