जेब में नहीं है कैश, लेकिन फिर भी कर सकते हैं नैनीताल में ऐश!

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नोट बंदी के इस दौर में यदि आप नैनीताल आ रहे हैं और आपकी जेब में नकदी नहीं है तो घबराने की जरूरत बिल्कुल नहीं है। क्योंकि यहां होटल, टैक्सी और ढाबे वाले से लेकर पार्लर तक में ई-वॉलेट का विकल्प मौजूद है।

भले ही नोट बंदी के चलते पर्यटन कारोबार को करारा झटका लगा हो, लेकिन लोगों ने मुश्किल के इस दौर में भी नया रास्ता तलाशना शुरू कर दिया है। सरोवरनगरी नैनीताल में पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग अपने कारोबार और पर्यटकों की सहूलियत के लिये ई-वॉलेट का सहारा ले रहे हैं। यहां छोटे होटल और गेस्ट हाउस संचालक तक अब पेटीएम का सहारा ले रहे हैं।

मल्लीताल में होल चलाने वाले मनोज के मुताबिक गेस्ट को पैसे लौटाने में परेशानी हो रही थी, इसलिये पेटीएम का विकल्प चुना और अब आसानी हो रही है। टैक्सी चलाने वाले रविशंकर कहते हैं कि पिछले दिनों वह दिल्ली गये थे, वहां देखा कि टैक्सी वाले पेटीएम इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसके बाद वह भी नैनीताल लौटे और पेटीएम यूज कर रहे हैं।

जाहिर है डिजिटल दुनिया के इस दौर में लोगों ने नोट बंदी का तोड़ खोज लिया है। खास बात ये है कि टैक्सी और होटल संचालक ही नहीं ढाबा और रेस्टोरेंट से लेकर नाई की दुकान यानि पार्लर में भी अब ई-वॉलेट के जरिये भुगतान की सुविधा का लोग इस्तेमाल कर रहे हैं।

मल्लीताल कोतवाली के पास रेस्टोरेंट चलाने वाले मोहम्मद फहद कहते हैं कि उनके रेस्टोरेंट का नॉनवेज़ पूरे शहर में मशहूर है। कई बार पुराने नोट के चलते या फिर दो हजार के नोट के बदले खुले पैसे न होने से परेशानी होती थी। अब पेटीएम के जरिये भुगतान ले रहे हैं।

नैनीताल ही नहीं देश और प्रदेश के तमाम पर्यटन स्थलों पर लोग कैश की समस्या से जूझ रहे हैं। उत्तराखंड की पर्यटन इंडस्ट्री भी नोट बंदी की मार झेल रही है, लेकिन कारोबारियों की इस पहल से कुछ राहत जरूर मिलने की उम्मीद है।

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