पंचकोसी वारुणी यात्रा की तैयारियां जोरों पर

उत्तरकाशी। वरुणावत पर्वत पर बसे गांवों में आजकल पंचकोसी वारुणी यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। हर साल दो गते चैत्र को वरुणावत पर्वत की परिक्रमा वाली इस यात्रा का बड़ा ही धार्मिक महत्व है। इस बार पंचांग के अनुसार 15 मार्च को वारुणी यात्रा का आयोजन किया जाना है।
पौराणिक मणिकर्णिका घाट पर गंगा स्नान के साथ शुरू होने वाली पैदल यात्रा में श्रद्धालु बड़ेथी में वरुणेश्वर, बसूंगा में अखंडेश्वर, साल्ड में जगन्नाथ एवं अष्टभुजा, ज्ञाणजा में ज्ञानेश्वर महादेव एवं व्यास कुंड के दर्शन और पूजा-अर्चना करते हुए वरुणावत शीर्ष पर पहुंचते हैं। यहां शिखरेश्वर एवं विमलेश्वर महादेव मंदिरों के दर्शन कर वे संग्राली में कंडार देवता, पाटा में नर्वदेश्वर होते हुए गंगोरी में असी गंगा एवं गंगा भागीरथी के संगम पर पहुंचते हैं। यहां गंगा स्नान कर वे लक्षेश्वर होते हुए नगर में काशी विश्वनाथ समेत तमाम मंदिरों में जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर यात्रा संपन्न करते हैं। संग्राली गांव निवासी शिवानंद भट्ट, दामोदर सेमवाल, विजय नैथानी, कृतमणी नौटियाल, बुद्धिबल्लभ नैथानी, नवयुवक मंगल दल अध्यक्ष संदीप सेमवाल आदि ने प्रशासन से यात्रा पथ पर पेयजल एवं स्वास्थ्य सेवाओं का इंतजाम करने की मांग की है।

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