बुराड़ी केस में चौंकाने वाला खुलासा, क्या 4 ‘आत्माओं’ ने ली 11 लोगों की जान

ललित के घर से मिले रजिस्टर में क्राइम ब्रांच को  कुछ अजीब तरह की बातें लिखी मिली हैं। 9 जुलाई 2015 को एक पन्ने में लिखा हुआ है- ‘अपने सुधार की प्रक्रिया की गति बढ़ा दो… मैं तुम्हारा धन्यवाद करता हूं… तुम भटक जाते हो. फिर एक दूसरे की बात मानकर एक छत के नीचे आकर मेल मिलाप कर लेते हो… चार आत्माएं अभी मेरे साथ भटक रहीं हैं अगर तुम अपने में सुधार करोगे तो उन्हें भी गति मिलेगी…। तुम तो सोचते होगे कि हरिद्वार जाकर हम सब कुछ कर आएं तो गति मिल जाएगी… जैसे मैं इस चीज के लिए भटक रहा हूं, वैसे ही सज्जन सिंह, हीरा, दयानंद व गंगा देवी की आत्मा भटक रही है।’ राजस्थान में पितृ आने की कई घटनाएं हुई हैं और यह भी वही लग रहा है। दोनों भाई और ललित की पत्नी टीना के हाथ खुले थे।

पुलिस जांच में शामिल होगा दिनेश

क्राइम ब्रांच का कहना है कि ललित पर जब पिता की आत्मा आई होगी तब उसने रजिस्टर में इस तरह की बातें लिखी होंगी। क्राइम ब्रांच उक्त चारों के बारे में भी दिनेश व उनके रिश्तेदारों से पूछताछ कर पता लगाएगी कि वे कौन हैं। रजिस्टर में आगे लिखा हुआ है कि ये मेरे सहयोगी बने हुए हैं..ये भी यही चाहते हैं कि तुम सब सही कर्म करके अपना जीवन सफल बनाओ। जब हमारे नियमित कार्य पूरे हो जाएंगे तब हम वापस लौट जाएंगे…।

किसी से अपनी बात शेयर नहीं करता था परिवार का कोई सदस्य

पुलिस की मानें तो अब तक कुल 11 रजिस्टर बरामद किए गए हैं। इनमें लिखी बातों के मुताबिक, पिछले 11 साल से ललित के पिता उसके सपने में आ रहे थे। ललित 2007 से यानी कुलमिलाकर 11 साल से अपने पिता की आवाज़ निकाल रहा था। परिवार के 11 सदस्यों के अलावा किसी को यह बात पता नहीं थी।

घर में मिली हनुमान चालीसा और गायंत्री मंत्र

पुलिस ने बताया कि घर में कोई धार्मिक ग्रंथ नहीं मिला है और न ही कोई आध्यात्मिक पुस्तक मिली है। सिर्फ हनुमान चालीसा और गायंत्री मंत्र मिले हैं। घर में पूजा सात दिन से चल रही थी। खुदकुशी के लिए 9 लोगों ने 5 स्टूलों का इस्तेमाल किया था। छठा स्टूल प्रतिभा को इस्तेमाल करना था। इस तथाकथित मोक्ष अनुष्ठान के दौरान प्रियंका को सेंटर में रखना था।

आत्मा आने के बाद ललित को पूरा परिवार कहता था डैडी

रजिस्टरों के अध्ययन से पता चला है  कि ललित को घर के लोग काका कहते थे और सपने में आने वाले उसके पिता को पूरा घर डैडी कहता था। ललित पूरे घर को धमकी देता था कि अगर ऐसा नहीं किया तो डैडी ऐसा कर देंगे। इस वजह से पूरा घर उसकी कोई बात नहीं टालता था। फांसी लगाने के लिए जिन चुन्नी और कपड़ों का इस्तेमाल हुआ वो भी टीना और उसकी मां उसी दिन दिन के समय पास के ही बाजार से लाए थे। पुलिस ने बताया कि रजिस्टरों में तीन से चार हैंडराइटिंग मिली हैं। बताया जा रहा है कि रजिस्टर में ललित बोलता था और ज्यादातर प्रियंका लिखती थी। 24 जून से पूजा शुरू की गई थी। पुलिस ने बताया कि यह भाटिया नहीं थे, चुंडावत थे। यह भी जानकारी मिली है कि प्रियंका की मम्मी ने भाटी से शादी की थी, वे ट्यूशन पढ़ाती थीं और बच्चे उन्हें भाटिया बोलते थे, इसलिए सब उन्हें भाटिया बोलने लगे।

प्रक्रिया में अंतिम अंजाम मौत नहीं था

पुलिस के मुताबिक, 30 जून और 1 जुलाई की रात 11 मौतें हादसे के चलते हुईं, इरादतन ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि रजिस्टर में लिखा था कि इस प्रक्रिया के बाद हाथ खोलने थे। जैसा कि रजिस्टर में लिखा है, उनका विश्वास था कि इस प्रक्रिया से उनकी शक्तियां बढ़ जाएंगी। प्रकिया के बाद सबको एक-दूसरे की हाथ खोलने में मदद करनी थी।

 विसरा को जांच के लिए भेजेगी क्राइम ब्रांच
संयुक्त आयुक्त अपराध शाखा आलोक कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है। मेडिकल बोर्ड से जल्द रिपोर्ट देने का अनुरोध किया गया है। साथ ही सभी के विसरा को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब में भेजा जाएगा। ललित की पत्नी टीना के मायके उदयपुर जाकर क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की। अपने मायके वालों को टीना ने बताया था कि उसके पति पर पिता की आत्मा आती है। अगर किसी को कोई समस्या है तो वह उसे बताए। वह पति ललित से समस्या का निदान करवा देगी।

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