कई बीमारियों का काल हैं सहजन की पत्तियां , जाने इसके गुण

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  • सहजन की पत्तियों में कैल्शियम और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
  • 100 ग्राम सहजन की पत्तियों में 5 गिलास दूध के बराबर कैल्शियम होता है।
  • सहजन की पत्तियां खून की सफाई भी आसानी से कर सकती हैं।

सहजन एक स्वादिष्ट और पौष्टिक सब्जी है। इसे कई नामों जैसे मुनगा, सहजन, सइहन, मोरिंगा, सूरजने की फली आदि बोला जाता है। औषधीय गुणों के आधार पर सहजन को किसी आश्चर्य से कम नहीं माना जा सकता क्योंकि आयुर्वेद में लगभग 300 समस्याओं का इलाज सहजन को बताया गया है। सहजन की सब्जी, इसकी पत्तियां, इसकी छाल और इसके बीज सभी बहुत लाभकारी हैं। ये सभी शरीर की तमाम परेशानियों को ठीक करने में सक्षम हैं।
सहजन हमारे यहां उतना लोकप्रिय नहीं है, उसके गुणों के कारण जितना उसे होना चाहिए। हमारे यहां सहजन के गुणों से लोग अंजान हैं जबकि विदेशों में इसकी पत्तियों के चूर्ण को पैकेट में भरकर मंहगे दामों में बेचा जाता है साथ ही सेहतमंद रहने के लिए लोग मोरिंगा पाउडर के कैप्सूल का भी सेवन करते हैं। सहजन में कार्बोहाइड्रेट , प्रोटीन , कैल्शियम , पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ए , विटामिन सी और बी-काम्प्लेक्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। सहजन की सब्जी के साथ-साथ इसकी पत्तियां भी बहुत गुणकारी होती हैं। आइये  आपको बताते हैं सहजन की पत्तियों के गुण।

कैल्शियम और विटामिन सी से भरपूर

सहजन की पत्तियों में कैल्शियम और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। 100 ग्राम सहजन की पत्तियों में 5 गिलास दूध के बराबर कैल्शियम होता है। इसके अलावा नींबू की तुलना में इसमें 5 गुना ज्यादा विटामिन सी पाया जाता है। कैल्शियम और विटामिन-सी के अलावा सहजन की पत्तियों में प्रोटीन, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन-बी कॉम्पेक्स भी प्रचुर मात्रा में होता है।

कई बीमारियों का इलाज

सहजन की पत्तियों में कई तरह के गुण मौजूद हैं इसलिए ये शरीर की कई सामान्य और गंभीर बीमारियों में फायदेमंद है। हैजा, दस्त, पेचिश, पीलिया और कोलाइटिस जैसे रोगों के लिए सहजन की पत्तियों का रस पीना काफी असरकारक होता है। सहजन की पत्तियों का रस बनाने के लिए इसे पानी में उबालकर छानकर ठंडा कर लें और फिर पियें।

खून की सफाई करती हैं

सहजन की पत्तियां ब्लड डिटॉक्सिफाई यानि खून की सफाई भी आसानी से कर सकती हैं। सहजन की पत्तियों का रस पीने से रक्‍त शुद्ध होता है और शरीर में मौजूद हानिकारक पदार्थ यूरिन के रास्ते से बाहर निकल जाते हैं। यह एक पॉवरफुल एंटीबॉयोटिक एजेंट के रूप में भी कार्य करता है। इसे आप जूस या सूप के तौर पर सेवन कर सकते हैं, इसके सेवन त्‍वचा संबंधी बीमारियों में लाभ मिलेगा।

कोलेस्ट्रॉल लेवल रहेगा ठीक

सहजन के पत्‍ते में मौजूद एंजाइम अतिरिक्‍त कोलेस्‍ट्रॉल  को प्रभावी ढंग से कम करता है।  ये आपके पेट के अंदरुनी हिस्‍से में अतिरिक्‍त कोलेस्‍ट्रॉल को अवशोषित करने में मदद करता है। इसलिए दिल की बीमारियों में भी सहजन की पत्तियों के रस का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।

डायबिटीज को करे कंट्रोल

डायबिटीज की स्थिति में ब्लड में शुगर का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जिसके कारण शरीर को कई तरह के गंभीर रोगों का खतरा होता है। सहजन के पत्‍ते राइबोफ्लेविन में समृद्ध होने के कारण ब्‍लड शुगर के स्‍तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसलिए सहजन के पत्तों के प्रयोग से डायबिटीज को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।

संक्रमण से बचाती हैं

सहजन में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण इंफेक्शन के खतरे को कम करते हैं। ये गले, त्वचा और छाती में होने वाले संक्रमण से बचाता है। गर्भावस्था में वायरस और बैक्टीरिया से प्रभावित होने की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे में मां और बच्चे दोनों को ही इन संक्रमणों से खतरा रहता है। इसलिए गर्भावस्था में सहजन का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।

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