हिंसक हुआ भारत बंद, बिहार में गोलीबारी, कई शहरों में धारा 144 लागू

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किये गए बदलाव के विरोध में 2 अप्रैल को देशव्यापी बंद का आयोजन किया गया था। इसके बाद कई तथाकथित सवर्ण संगठनों ने सोशल मीडिया के जरिये एक और भारत बंद का आह्वान किया है। आज यानी 10 अप्रैल को इसका आयोजन किया गया है। इसका मकसद आरक्षण का विरोध करना है। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार से इस बंद का संचालन किया गया है।

इस बंद का सबसे ज्यादा असर बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान में ही दिखाई दे रहा है। हालांकि मध्यप्रदेश में प्रशासन की चुस्ती के चलते किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई है। लेकिन बिहार में गोली चलाने और लाठीचार्ज की घटनाएं हुई हैं। कई स्थानों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े हैं।

दो अप्रैल को आयोजित हुए बंद और हिंसा से सबक लेते हुए केंद्र तथा राज्य सरकारें पहले ही कमर कस चुकी थीं। देश के कई शहर पुलिस छावनी में तब्दील हो चुक हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले ही यह एडवाइजरी जारी कर चुका है साथ ही राज्य सरकारों को यह हिदायत दी है कि जिस भी जिले में हिंसा होगी, वहां के डीएम और एसपी को इसका जिम्मेदार माना जाएगा।

उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया के जरिये सवर्णों ने भारत बंद का आह्वान किया था। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में करीब 6000 जवानों को हालात पर काबू रखने के लिए तैनात किया गया है। शहर में धारा 144 लागू है। सोमवार को भोपाल में कई स्थानों पर पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया था।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
भारत बंद को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी की ओर से कहा गया कि केंद्र सरकार आरक्षण के नाम पर देश को गुमराह कर रही है। पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी ने दावा किया कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो देश के हर समुदाय का ख्याल रखती है।

 

NO COMMENTS