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  • महिला आरक्षियों के पदों में बढ़ोतरी

    महिला आरक्षियों के पदों में बढ़ोतरी

    दो हजार पदों के प्रस्ताव को मिली हरी झंडी

    वर्तमान 526 पदों के सापेक्ष 1474 पदों की होगी वृद्धि

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपदीय पुलिस में महिला आरक्षियों के पदों की संख्या वर्तमान 526 से बढ़ाकर 2000 किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान कर दिया है।

    इसके तहत 1474 अतिरिक्त पद अन्य संवर्गों एवं शाखाओं के स्वीकृत पदों से समायोजित किए जाने का प्रस्ताव है।

    इस संबंध में कार्मिक विभाग द्वारा बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय भार के तथा कुल स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि किए बिना, वर्तमान में कार्यरत 1210 अधिसंख्य महिला आरक्षियों के समायोजन और भविष्य में उनकी पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उच्चतर पदों के पुनर्गठन का पृथक प्रस्ताव उपलब्ध कराने की शर्त पर सहमति व्यक्त की गई है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से जनपदीय पुलिस में महिला आरक्षियों के पदों की संख्या में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही, वर्तमान में कार्यरत अधिसंख्य महिला आरक्षियों के समायोजन तथा उनके लिए भविष्य में पदोन्नति के अवसरों की व्यवस्था करने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

    प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है।हमारी सरकार का उद्देश्य महिला पुलिस कर्मियों को सेवा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही उनके भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाना है।
    पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

  • पति-पत्नी और ‘वो’ के विवाद ने पकड़ा राजनीतिक तूल

    पति-पत्नी और ‘वो’ के विवाद ने पकड़ा राजनीतिक तूल

    ‘मंत्री पत्नी रेखा आर्य के भ्र्ष्टाचार की शिकायत सीएम धामी से भी की थी’

    देखें वीडियो

    देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या द्वारा अपने पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी ने वीडियो जारी कर पलटवार करते हुए मंत्री पर 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है।

    कार में बैठकर जारी किए गए वीडियो में साहू ने मंत्री द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को फर्जी और निराधार बताया है। उन्होंने वायरल ऑडियो को भी फर्जी करार दिया है।

    साहू ने कहा, “माननीय मंत्री जी, जिस ऑडियो को आपने डाला है, वो AI से बनाई गई है, घर तोड़ने के लिए बनाई गई है। आप घमंड में चूर हैं कि मैं जीवन भर मंत्री रहूंगी। ऐसा नहीं है, जीवन में चढ़ाव-उतार आते हैं।”

    उन्होंने अपने राजनीतिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा, “आप वो दिन भूल गईं कि मैंने सड़क पर खड़ी एक महिला को कहां से कहां पहुंचा दिया। ये पूरा उत्तराखंड जानता है कि दो सलवार-कुर्ते में शादी करके आई महिला को मैंने कहां पहुंचाया।”

    चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने कहा, “मैं ईमानदारी से कह रहा हूं, अगर आपने ये फर्जी तहरीर वापस नहीं ली तो भोले बाबा, बनखंडी नाथ बाबा तुमसे चुन-चुन कर एक-एक चीज का हिसाब लेंगे।”

    भ्रष्टाचार को लेकर साहू ने बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “साहू जी ने हमेशा यही कहा कि भ्रष्टाचार मत करो। इन बच्चों के पेट का राशन मत काटो। आज किसी और मंत्री का नाम भ्रष्टाचार में नहीं है, तुम्हारा नाम पूरे देश में है।”

    साहू ने दावा किया, “जिस महिला के पास पांच रुपये नहीं थे, आज उसके पास 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है। इसकी किसी भी एजेंसी से जांच करा लो।”

    उन्होंने मुख्यमंत्री और जनता से न्याय की अपील भी की। “मैंने 17 साल तक सोमेश्वर की जनता के सामने झोली फैलाकर आपके लिए वोट मांगे। पत्रकार बंधुओं और मुख्यमंत्री जी, जो मेरे मित्र और भाई भी हैं, आप न्याय करें। मैंने पहले भी मुख्यमंत्री जी से इनके भ्रष्टाचार की शिकायत की थी,”। और सीएम धामी ने इन्हें डांटा भी था।

    मंत्री ने लगाए थे ये आरोप

    इससे पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने ही पति के खिलाफ कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। यह मामला 15 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया था।

    मंत्री ने धोखाधड़ी, मारपीट, जातिसूचक अपमान और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।

    एफआईआर में उन्होंने खुद को अनुसूचित जाति की सदस्य बताया था। तहरीर में कहा गया था, “प्रार्थिनी रेखा आर्या पुत्री स्व. गोपाल राम, निवासी यमुना कॉलोनी, देहरादून उत्तराखंड में अधिसूचित अनुसूचित जाति की सदस्य हैं।”

    उनके मुताबिक, उनकी शादी 6 जुलाई 2004 को गिरधारी लाल साहू से हुई थी। आरोप था कि पति ने शादी के समय खुद को अविवाहित बताया था।

    तहरीर में लिखा है, “श्री गिरधारी लाल साहू ने विवाह के समय ही प्रार्थिनी को धोखे में रखा कि वह अविवाहित है।”

    मंत्री का कहना था कि बाद में पता चला कि पति पहले से विवाहित है और उसके बच्चे भी हैं।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि पति के अन्य महिलाओं से संबंध हैं। “इस बारे में जब आपत्ति की तो शुरुआत में मेरे पति ने अपनी गलती मानते हुए लिखित और मौखिक रूप में माफीनामा दिया, परंतु माफीनामा के बाद भी वह इन कार्यों में लिप्त रहा,” एफआईआर में दर्ज है।

    विरोध पर मारपीट और धमकी का आरोप भी लगाया गया था। तहरीर में कहा गया था, “इन संबंधों का विरोध करने पर गिरधारी लाल साहू प्रार्थिनी के साथ मार-पिटाई और गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा।”

    साथ ही आर्थिक धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कहा गया था, “गिरधारी लाल साहू ने प्रार्थिनी के कूट रचित हस्ताक्षर कर एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में प्रार्थिनी को कंपनी के निदेशक के पद से निवृत्त दर्शा दिया।”

    सबसे गंभीर आरोप एक ऑडियो को लेकर था। मंत्री ने कहा था, “जिसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बात करते हुए प्रार्थिनी को जान से मारने का षड्यंत्र रच रहा है।”

    उन्होंने सुरक्षा की मांग करते हुए कहा था, “प्रार्थिनी को लगातार अपने और अपने नाबालिग बच्चों की जान का खतरा बना हुआ है।”

    कथित ऑडियो में क्या है?

    इधर मंत्री रेखा आर्य द्वारा जारी किया गया कथित ऑडियो भी खूब वायरल हो रहा है। ऑडियो में एक पुरुष आवाज कहती है, “रिंकू को तुम कतई जितना मुझ पे भरोसा करते हो उससे ज्यादा रिंकू पे भरोसा करना।”

    उसमें जमानत का भी जिक्र है, “वन परसेंट अगर जमानत नहीं हुई तो दो-तीन दिन हो सकता है जेल भी जाना पड़े।”

    महिला आवाज कहती है, “मैं क्यों जाऊं जेल? मेरी कितनी बदनामी होगी?”…..

    पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और ऑडियो-वीडियो की जांच कर रही है। फिलहाल मंत्री स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती बताई जा रही हैं। पति के करप्शन के आरोप का मंत्री रेखा आर्य क्या जवाब देती है,इस पर भी नजरें टिकी हुई है। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल पति,पत्नी और वो की आग में खूब हाथ सेंक रहे है।

  • मंत्री रेखा आर्य पर पति ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

    मंत्री रेखा आर्य पर पति ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

    देखें वीडियो, पति-पत्नी और ‘वो’ की जंग से निकला भ्र्ष्टाचार का जिन्न

    पति ने मंत्री पत्नी पर कसा तंज, दो कपड़ों में आई थी

    देहरादून/बरेली। उत्तराखण्ड भाजपा के प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने से उठे तूफान में अब भाजपा मंत्री के घर की जंग की आग भी लिपट गयी।
    बीते 24 घण्टे में भाजपा सरकार में महिला व बाल विकास मंत्री रेखा आर्य की अपने पति और ‘वो’ के लफड़े ने प्रदेश और देश में हलचल मचा दी।
    कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या द्वारा पति के खिलाफ FIR दर्ज कराने के बाद अब उनके पति गिरधारी लाल साहू ने वीडियो जारी कर पलटवार किया है।

    कार में बैठकर बयान देते हुए साहू ने मंत्री पर लगाए गए सभी आरोपों को फर्जी और निराधार बताया है। उन्होंने दावा किया है कि वायरल ऑडियो AI से तैयार किया गया है।

    साहू ने कहा, “माननीय मंत्री जी, जिस ऑडियो को आपने डाला है, वो AI से बनाई गई है, घर तोड़ने के लिए बनाई गई है। आप घमंड में चूर हैं कि मैं जीवन भर मंत्री रहूंगी। ऐसा नहीं है, जीवन में चढ़ाव-उतार आते हैं।”

    उन्होंने अपने राजनीतिक योगदान का हवाला देते हुए कहा, “आप वो दिन भूल गईं कि मैंने सड़क पर खड़ी एक महिला को कहां से कहां पहुंचा दिया। ये पूरा उत्तराखंड जानता है कि दो सलवार-कुर्ते में शादी करके आई महिला को मैंने कहां पहुंचाया।”

    पति ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “मैं ईमानदारी से कह रहा हूं, अगर आपने ये फर्जी तहरीर वापस नहीं ली तो भोले बाबा, बनखंडी नाथ बाबा तुमसे चुन-चुन कर एक-एक चीज का हिसाब लेंगे।”

    भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। साहू ने कहा, “साहू जी ने हमेशा यही कहा कि भ्रष्टाचार मत करो। इन बच्चों के पेट का राशन मत काटो। आज किसी और मंत्री का नाम भ्रष्टाचार में नहीं है, तुम्हारा नाम पूरे देश में है।”

    उन्होंने आगे दावा किया, “जिस महिला के पास पांच रुपये नहीं थे, आज उसके पास 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है। इसकी किसी भी एजेंसी से जांच करा लो।”

    गिरधारी साहू ने मुख्यमंत्री और जनता से न्याय की अपील की। उन्होंने कहा, “मैंने 17 साल तक सोमेश्वर की जनता के सामने झोली फैलाकर आपके लिए वोट मांगे। पत्रकार बंधुओं और मुख्यमंत्री जी, जो मेरे मित्र और भाई भी हैं, आप न्याय करें। मैंने पहले भी मुख्यमंत्री जी से इनके भ्रष्टाचार की शिकायत की थी।” और उन्हींने इसे डांटा भी था।

    मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरधारी साहू के भ्र्ष्टाचार के आरोप के बाद भाजपा बैकफुट पर दिखाई दे रही है। घर की आग से 210 करोड़ की संपत्ति और भ्र्ष्टाचार की कहानी प्रदेश के घर घर तक पहुंचनी शुरू हो गयी है। चुनावी साल में हाई प्रोफाइल पत्नी व पति के बीच मची
    मची महाभारत से पार्टी की छवि पर लग रहे डेंट को भाजपा कैसे क्लीन करेगी,यह देखना भी काबिलेगौर होगा।

  • महाविद्यालयों में प्राचार्यों की पदोन्नति को शीघ्र होगी डीपीसीः डाॅ. धन सिंह रावत

    महाविद्यालयों में प्राचार्यों की पदोन्नति को शीघ्र होगी डीपीसीः डाॅ. धन सिंह रावत

    छात्रावासों के संचालन को एसओपी तैयार करें विभागीय अधिकारी

    कहा, महाविद्यलयों में चल रहे निर्माण कार्य नियत समय पर करें पूर्ण

    देहरादून। राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति की जायेगी, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को डीपीसी का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा राजकीय महाविद्यालयों के अंतर्गत छात्रावासों के संचालन को एक सप्ताह के भीतर एसओपी तैयार करने को भी कहा गया है। महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के तहत समय पर पूरा करने के निर्देश भी बैठक में दिये गये हैं।

    सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने  अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग की बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्रभारी निदेशक उच्च शिक्षा को राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर शीघ्र डीपीसी कराने के निर्देश दिये, ताकि जिन महाविद्यालयों में प्राचार्य के पद रिक्त हैं वहां प्राचार्य भेजे जा सके। इसके लिये उन्होंने डीपीसी का प्रस्ताव शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने को कहा। डाॅ. रावत ने कहा कि लगभग दो दर्जन महाविद्यालयों में प्राचार्यों के पद रिक्त चल रहे हैं जिन पर पदोन्नति की जानी है। डाॅ. रावत ने राजकीय महाविद्यालयों में छात्रावासों के संचालन को अब तक एसओपी तैयार न किये जाने पर विभागीय अधिकारियों से नाराजगी जताते हुये कहा कि एक सप्ताह के भीतर एसओपी तैयार कर छात्रावासों का सुचारू संचालन किया जाय, ताकि छात्र-छात्राओं
    को छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं मिल सके।

    बैठक में विभागीय मंत्री ने विभिन्न महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुये राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट, पोखड़ा, हल्द्वानी शहर, देहरादून शहर तथा बेरीनाग में प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य को धनराशि जारी करने के निर्देश दिये। इसके अलावा अन्य नये एवं पुराने निर्माण कार्यों के लिये भी शीघ्र धनराशि जारी करने को भी कहा। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न महाविद्यालयों में शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग के विभिन्न रिक्त पदों पर स्थाई नियुक्ति होने तक संविदा एवं आउटसोर्स के माध्यम से भरने के निर्देश भी दिये। डाॅ. रावत ने समर्थ पोर्टल के संचालन में आ रही समस्याओं के शीघ्र निराकरण को भी अधिकारियों को निर्देशित किया।

    बैठक में अपर सचिव मुनज गोयल, संयुक्त सचिव प्रदीप नौटियाल, प्रभारी निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. ए.एस. उनियाल, उप सचिव दीपक कुमार, उप निदेशक डाॅ. ममता नैथाणी, नोडल रूसा डाॅ. अनीता रावत सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मेधावी छात्र-छात्राओं व प्रधानाचार्यों को किया सम्मानित

    मेधावी छात्र-छात्राओं व प्रधानाचार्यों को किया सम्मानित

    पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार

    मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ – धामी

    शिक्षा को आधुनिक तकनीक, नवाचार और भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

    अविकल उत्तराखंड

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मेधावी छात्र छात्राओं को पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया।
    मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले 63 मेधावी छात्र-छात्राओं तथा उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले छह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया।

    समारोह में हाईस्कूल के 38 और इंटरमीडिएट के 25 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। हाईस्कूल परीक्षा में अक्षत गोपाल ने 98.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा में गीतिका पंत एवं सुशीला मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। इसके साथ ही हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट स्तर पर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले तीन-तीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति पत्र एवं मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।

    मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित मेधावी छात्र-छात्राओं एवं प्रधानाचार्यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। इसमें शिक्षकों और अभिभावकों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में प्रदेश का हाईस्कूल परीक्षाफल 92.10 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट का परीक्षाफल 85.11 प्रतिशत रहा, जो सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी भविष्य में भी अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर राज्य एवं देश का नाम रोशन करेंगे।

    मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करते हुए कहा कि वे एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता होने के साथ ही महान विचारक, शिक्षाविद् और समाजसेवी थे। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और व्यावहारिक ज्ञान का भी समावेश होना चाहिए। उनके विचार आज भी एक शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार शिक्षा में नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली पात्र छात्राओं को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम एवं सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए हैं तथा सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही विद्यालयों की प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान और नई तकनीकों की समझ विकसित हो सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा को निखारने के समान अवसर प्राप्त हों।

    मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने इस अभियान से जुड़े शिक्षकों, अधिकारियों, स्वयंसेवकों और प्रदेशवासियों के योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। अब प्रत्येक नागरिक को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक नई तकनीकों का उपयोग अपने जीवन को बेहतर बनाने, आजीविका को मजबूत करने और समाज की प्रगति में योगदान देने के लिए कर सके, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

    मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इस संकल्प को साकार करने में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के मेधावी विद्यार्थी अपने ज्ञान, कौशल और परिश्रम के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक  सविता कपूर, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव शिक्षा नमामि बंसल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

  • मंत्री रेखा के पति पर गंभीर आरोप, हत्या की साजिश के मामले में FIR दर्ज

    मंत्री रेखा के पति पर गंभीर आरोप, हत्या की साजिश के मामले में FIR दर्ज

    मंत्री रेखा ने पति की दूसरी महिला से ऑडियो क्लिप की वॉयरल

    देहरादून के कैंट थाने में मामला दर्ज, मंत्री अस्पताल में भर्ती

    कांग्रेस बोली- कर्मा रिटर्न्स

    देहरादून। नवरात्र पर प्रदेश में हाईप्रोफाइल सनसनीखेज मामला सामने आया है। भाजपा सरकार की महिला मंत्री ने स्वंय व बच्चों की सुरक्षा की मांग की है।

    उत्तराखंड सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने ही पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। तबियत बिगड़ने पर मंत्री रेखा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    मंत्री द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक, उन पर धोखाधड़ी, मारपीट, जातिसूचक अपमान और जान से मारने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला 15 अक्टूबर 2026 को कैंट थाने में दर्ज किया गया है।फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सभी आरोप जांच के दायरे में हैं।

    एफआईआर में मंत्री ने खुद को अनुसूचित जाति की सदस्य बताया है। तहरीर में कहा गया है, “प्रार्थिनी रेखा आर्या पुत्री स्व. गोपाल राम, निवासी यमुना कॉलोनी, देहरादून उत्तराखंड में अधिसूचित अनुसूचित जाति की सदस्य हैं।”

    मंत्री के अनुसार, उनकी शादी 6 जुलाई 2004 को हिंदू रीति-रिवाज से गिरधारी लाल साहू निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश के साथ हुई थी।

    आरोप है कि पति ने शादी के समय खुद को अविवाहित बताया था। तहरीर में लिखा है, “श्री गिरधारी लाल साहू ने विवाह के समय ही प्रार्थिनी को धोखे में रखा कि वह अविवाहित है।”

    पति गिरधारी साहू

    मंत्री का कहना है कि कुछ साल बाद उन्हें पता चला कि पति पहले से ही विवाहित है और उसकी पहली शादी से बच्चे भी हैं।

    तहरीर में कहा गया है कि तब तक उनके खुद के बच्चे हो चुके थे। घर वालों के समझाने और बच्चों के भविष्य को देखते हुए वह चुप रहीं।

    पिछले कुछ समय से पति का व्यवहार बदलने का आरोप लगाया गया है। मंत्री को पता चला कि पति के अन्य महिलाओं से भी संबंध हैं।

    “इस बारे में जब आपत्ति की तो शुरुआत में मेरे पति ने अपनी गलती मानते हुए लिखित और मौखिक रूप में माफीनामा दिया, परंतु माफीनामा के बाद भी वह इन कार्यों में लिप्त रहा,” एफआईआर में दर्ज है।

    विरोध करने पर मारपीट का आरोप है। तहरीर में कहा गया है, “इन संबंधों का विरोध करने पर गिरधारी लाल साहू प्रार्थिनी के साथ मार-पिटाई और गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा।”

    मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पति ने कई बार सरकारी आवास में स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया।

    आर्थिक धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया गया है। तहरीर में लिखा है, “गिरधारी लाल साहू ने प्रार्थिनी के कूट रचित हस्ताक्षर कर एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में प्रार्थिनी को कंपनी के निदेशक के पद से निवृत्त दर्शा दिया, जबकि प्रार्थिनी द्वारा ऐसा कोई भी दस्तावेज निष्पादित नहीं किया गया।”

    सबसे गंभीर आरोप एक ऑडियो को लेकर है। मंत्री का दावा है कि उन्हें एक ऑडियो प्राप्त हुआ है।

    “जिसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बात करते हुए प्रार्थिनी को जान से मारने का षड्यंत्र रच रहा है,” तहरीर में कहा गया है।

    तहरीर के अंत में मंत्री ने सुरक्षा की मांग की है। “प्रार्थिनी को लगातार अपने और अपने नाबालिग बच्चों की जान का खतरा बना हुआ है, यह व्यक्ति कभी भी कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है,” उन्होंने कहा।

    इस बीच मंत्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह रोते-बिलखते हुए अपनी पीड़ा बता रही हैं।

    उन्होंने अपने पति के कथित 8 से 9 मिनट के ऑडियो क्लिप भी सार्वजनिक किए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    गौरतलब है कि ऑडियो में गिरधारी महिला को 25 लाख देने की भी बात कर रहा है। यही नहीं, आगरा में फ्लैट खरीदने पर भी जोर दे रहा हस। गिरधारी साहू हत्या का आरोपी रह चुका है। इस हत्याकांड ने उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। पूर्व में भी साहू और एक अन्य महिला के रिश्ते को लेकर मंत्री ने बरेली में कानूनी कार्रवाई करवाई थी।

    कांग्रेस ने बोला हमला, कहा- कर्मों का फल

    इधर, इस पूरे प्रकरण पर कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने इसे अति संवेदनशील मामला बताया।

    दसौनी ने कहा, “सच कहूं तो रेखा आर्या जी का यह वीडियो देखकर मन बहुत दुखी हुआ, लेकिन कहते हैं न, कर्मा रिटर्न्स।”

    उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही मंत्री रेखा आर्या ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में दुष्यंत गौतम को क्लीन चिट देकर पैरोकारी की थी।

    “मैं रेखा जी से कहना चाहती हूं, जब आप एक महिला एवं बाल विकास मंत्री होते हुए शोषित और प्रताड़ित महिलाओं के साथ खड़ी नहीं होंगी, तो ऐसे मौकों पर कौन साथ आकर खड़ा होगा?” दसौनी ने सवाल उठाया।

    कांग्रेस प्रवक्ता ने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा, “जिस राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हो, उस राज्य की आम महिला पर क्या बीत रही होगी? क्या आप सोच सकते हैं?”

    उन्होंने ऑडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक जांच की मांग की। “हम मांग करते हैं कि रेखा आर्या जी द्वारा जारी किए गए इन ऑडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक जांच हो। यदि यह केवल सहानुभूति लेने के लिए जारी नहीं किया गया है और पति पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो आरोपियों पर कठोर से कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए,”

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी निशाना साधा गया। दसौनी ने कहा, “पुष्कर सिंह धामी जी, आपने आज तक महिलाओं पर हुए किसी भी शोषण को गंभीरता से नहीं लिया। हम नौ हिमालयी राज्यों में महिला अपराध में नंबर एक पर आ गए हैं।”

    उन्होंने अंत में कहा, “कम से कम अपनी कैबिनेट मंत्री, अपनी सहयोगी रेखा आर्या की इस पीड़ा को तो सुनिए और इस पर कार्रवाई करिए, ऐसी हम आपसे मांग करते हैं।”

    12. First Information contents (प्रथम सूचना तथ्य):
    नकल तहरीर टाईप शुदा हिन्दी वादिनी – सेवा में, श्रीमान प्रभारी निरीक्षक, थाना कैन्ट, जनपद देहरादून । महोदय, निवेदन है कि प्रार्थिनी रेखा आर्य पुत्री स्व० श्री गोपाल राम, उम्र 48 वर्ष, निवासी 10/11, यमुना कॉलोनी चकराता रोड, देहरादून की निवासी है। प्रार्थिनी उत्तराखंड राज्य में अधिसूचित अनुसूचित जाति की सदस्य है। प्रार्थिनी का विवाह श्री गिरधारी लाल साहू (पप्पू गिरधारी), निवासी श्रीबाबा बनखण्डी नाथ मंदिर, जोगी नवादा बरेली, उत्तरप्रदेश साथ दिनांक 06/07/2004 को हिंदू रीति रिवाज से संपन्न हुआ था। प्रार्थिनी का पति बरेली उत्तर प्रदेश का निवासी है तथा अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है तथा जिसे प्रारंभ से ही ज्ञात है कि प्रार्थिनी अनुसूचित जाति की सदस्य है। श्री गिरधारी लाल साहू ने विवाह के समय ही प्रार्थिनी को धोखे में रखा कि वह अविवाहित है, विवाह के कुछ वर्ष बाद प्रार्थिनी को सच्चाई पता चली कि वह पूर्व से विवाहित है और इनके पूर्व विवाह से बच्चे भी हैं, परन्तु तब तक प्रार्थिनी के बच्चे हो चुके थे और घर वालों के समझाने पर और बच्चों के भविष्य के दृष्टिगत प्रार्थिनी चुप रही।
    पिछले कुछ समय से प्रार्थिनी के प्रति गिरधारी लाल साहू का व्यवहार बदलने लगा, जिसमें यह ज्ञात हुआ कि गिरधारी लाल साहू के अन्य महिलाओं से भी अवैध संबंध है। इस बारे में जब प्रार्थिनी ने आपत्ति की तो शुरूआत में मेरे पति ने अपनी गलती मानते हुए लिखित और मौखिक रूप में माफीनामा दिया, परंतु माफीनामा के बाद भी वह इन कार्यों में लिप्त रहा। इन संबंधों का विरोध करने पर गिरधारी लाल साहू प्रार्थिनी के साथ मार-पिटाई और गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा। कई बार प्रार्थिनी के सरकारी आवास में स्टॉफ के समक्ष भी अपमानजनक रूप से जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया।
    प्रार्थिनी को यह ज्ञात हुआ है कि गिरधारी लाल साहू ने प्रार्थिनी के कूट रचित हस्ताक्षर कर एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में प्रार्थिनी को कंपनी के निदेशक के पद से निवृत्त दर्शा दिया जबकि प्रार्थिनी के द्वारा ऐसा कोई भी दस्तावेज निष्पादित नहीं किया गया ना ही कोई त्यागपत्र दिया गया। हाल ही में प्रार्थिनी को एक ऑडियो प्राप्त हुई है जिसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बात करते हुए प्रार्थिनी को जान से करने का षड्यंत्र रच रहा है। प्रार्थिनी को लगातार अपने और अपने नाबालिक बच्चों की जान का खतरा बना हुआ है यह व्यक्ति कभी भी कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।
    अतः आपसे निवेदन है की गिरधारी लाल साहू के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें।
    दिनांक- प्रार्थिनी sd अंग्रेजी अपठित 15/10/2026 रेखा आर्य पुत्री स्व० गोपाल राम, निवासी 10/11, यमुना कॉलोनी चकराता रोड, देहरादून – 248001
    नोट – मैं C/C प्रमाणित करता हूँ कि नकल तहरीर शब्द व शब्द टाईप की गयी है , शिवाये
  • जनता इंटर कॉलेज धांधणखेत ने मारी बाजी, पाया दूसरा स्थान

    जनता इंटर कॉलेज धांधणखेत ने मारी बाजी, पाया दूसरा स्थान

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार

    देहरादून। यहां आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व शिक्षा मंत्री डॉ धनसिंह रावत द्वारा प्रधानाचार्या डा बबीता धस्माना को पाँच लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र तथा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया ।

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 की प्रदेश स्तरीय सूची में इंटरमीडिएट स्तर पर /जनता इण्टर कॉलेज धांधणखेत (विकास खण्ड थलीसैण, जनपद पौड़ी गढ़वाल) ने उत्कृष्ट परीक्षाफल प्रदर्शन के आधार पर संपूर्ण प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा है।

    इस शानदार उपलब्धि के तहत विद्यालय को 5.00 लाख रुपये की पुरस्कार धनराशि, प्रशस्ति पत्र एवं मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा।
    ​विद्यालय की इस ऐतिहासिक सफलता पर विद्यालय परिवार, क्षेत्रवासियों एवं शिक्षक संगठनों में अपार हर्ष का माहौल है। यह उपलब्धि विद्यालय की कर्मठ प्रधानाचार्य डा बबीता धस्माना के कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन तथा विद्यालय के विद्वान एवं समर्पित अध्यापक/अध्यापिकाओं व कर्मचारियों के कठिन परिश्रम और लगन का परिणाम है। संपूर्ण जनपद पौड़ी के लिए यह अत्यंत गौरव एवं स्वाभिमान का विषय है।
    ​
    इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह उत्कृष्ट प्रदर्शन सरकार और शासन के लिए भी एक आइना है, जो शासकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों तथा उनके छात्र-छात्राओं के साथ संसाधनों व नीतियों के स्तर पर भेदभाव करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों व विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और योग्यता का परचम लहराया है।

    ​प्रधानाचार्य परिषद् (अशासकीय माध्यमिक) जनपद पौड़ी ने दी बधाई
    प्रधानाचार्य परिषद् (अशासकीय माध्यमिक) जनपद पौड़ी इस गौरवशाली उपलब्धि पर समस्त विद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता है। परिषद के अध्यक्ष संजय सिंह रावत द्वारा समस्त विद्यालय परिवार, कर्मठ अध्यापक-अध्यापिकाओं, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा समस्त क्षेत्रवासियों को इस अभूतपूर्व सफलता के लिए ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।

    ​उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने भी जताया हर्ष

    उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ द्वारा भी प्रधानाचार्य बबीता धस्माना एवं उनके पूरे विद्यालय परिवार को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।

    इस अवसर पर संघ के मंडल अध्यक्ष संजय रावत, प्रांतीय उपाध्यक्ष अजय बिष्ट, प्रांतीय महामंत्री महावीर सिंह बिष्ट, प्रान्तीय प्रवक्ता कैलाश थपलियाल जिलाध्यक्ष (जनपद पौड़ी) भारत बिष्ट तथा जिला मंत्री सन्दीप रावत ने बधाई संदेश प्रेषित करते हुए विद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना की ।

  • वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के सशक्तीकरण पर सरकार का विशेष फोकस: सीएम

    वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के सशक्तीकरण पर सरकार का विशेष फोकस: सीएम

    मुख्यमंत्री से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने की शिष्टाचार भेंट

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में मध्य प्रदेश के मंडला से सांसद एवं लोकसभा की अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति के सभापति फग्गन सिंह कुलस्ते ने शिष्टाचार भेंट की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और फग्गन सिंह कुलस्ते के मध्य जनकल्याण, सामाजिक समावेशन तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदायों के उत्थान से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

    समाज के सभी वर्गों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने और वंचित एवं जरूरतमंद लोगों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के महत्व पर विचार-विमर्श किया गया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की मुख्यधारा का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा, रोजगार तथा बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से समावेशी विकास को सशक्त बनाया जा रहा है।

    इस दौरान विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

  • दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने के फैसले के खिलाफ दिल्ली में विरोध तेज

    दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने के फैसले के खिलाफ दिल्ली में विरोध तेज

    अंकिता के माता-पिता को मिला राहुल-प्रियंका का साथ, हिरासत में लिया

    सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने की मांग

    देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के आरोपों से घिरे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने से उपजी विरोध की लपटें दिल्ली के इंडिया गेट तक पहुंच गई।
    बुधवार को अंकिता के माता-पिता ने इंडिया गेट पर धरना देकर सभी को चौंका दिया। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और प्रियंका ने मौके पर पहुंचकर माता पिता की मांग के साथ अपनी आवाज बुलंद कर मामले को गर्मा दिया।

    गुरुवार की सुबह अंकिता के माता पिता को हिरासत में लिया। इसके बाद अफरा तफरी मच गई। विरोध के बाद रिहा कर दिया।

    उधर, देर रात तक इंडिया गेट पर पर राष्ट्रीय मीडिया ने डेरा डालकर इस मुद्दे को देश भर में पहुंचा दिया।  दुष्यंत गौतम की नियुक्ति से आक्रोशित अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले पर तब तक रोक लगाई जाए, जब तक मामले में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े पहलुओं की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती। इधऱ, उत्तराखण्ड कांग्रेस ने इसे जनभावनाओं को रौंदने वाला फैसला बताकर पूरे प्रदेश में प्रदर्शन का कार्यक्रम तय कर दिया है।

    गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति में दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की घोषणा की थी।
    इसके बाद अंकिता के माता-पिता ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील की।
    अंकिता के पिता ने आग्रह किया कि सीबीआई की जांच पूरी होने तक गौतम को राज्यपाल पद पर नियुक्त न किया जाए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कथित वीआईपी प्रकरण में सामने आए सवालों के बीच यह नियुक्ति क्यों की गई।

    राहुल-प्रियंका बैठे धरने पर

    दिल्ली में धरने के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर परिवार के संघर्ष का समर्थन करते हुए कहा कि वह और कांग्रेस पार्टी न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ हैं।

    हालांकि, दुष्यंत गौतम की कथित वीआईपी प्रकरण में भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित आधिकारिक निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।

    चार साल बाद फिर गरमाया मामला

    सितंबर 2022 में पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठते रहे सवालों ने मामले को समय-समय पर चर्चा में बनाए रखा है।

    अब दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के बाद परिवार ने जांच से जुड़े सवालों को फिर उठाया है। इस घटनाक्रम ने न्याय, जांच की पारदर्शिता और संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। कांग्रेस इस नियुक्ति को वापस लेने की मांग कर रही है, जबकि परिवार का आग्रह है कि जांच पूरी होने तक नियुक्ति को रोका जाए। हाल ही में 9 अक्टूबर को सीबीआई ने अंकिता के माता-पिता से पूछताछ की थी।।

    उधर, भाजपा का कहना है कि प्रदेश सरकार ने मजबूत पैरवी कर तीनों अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा दिलवाई। और फरवरी 2026 में सीबीआई जांच की संस्तुति भी की। इस मामले में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर की मोबाइल वार्ता में कथित वीआईपी के तौर पर दुष्यंत गौतम का नाम प्रमुखता से लिया गया था।
    इस मामले में भाजपा के तत्कालीन संगठन मंत्री अजेय कुमार का नाम भी कथित वीआईपी के तौर पर गरमाया था। बाद में भाजपा नेतृत्व ने अजेय कुमार को राजस्थान में महत्वपूर्ण दायित्व दे दिया। और अब प्रदेश प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाकर जनभावनाओं को नये सिरे से भड़का दिया।

    उत्तराखंड कांग्रेस उतरी सड़क पर

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पार्टी की संगठनात्मक इकाइयों से जिला, ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर कैंडल मार्च तथा मशाल जुलूस आयोजित करने की अपील की है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले में पार्टी का पक्ष रखने और दुष्यंत गौतम की नियुक्ति वापस लेने की मांग को मजबूती से उठाने को कहा है।

    गोदियाल ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल उसके परिवार का मामला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की भावनाओं से जुड़ा प्रश्न है। कांग्रेस की मांग है कि जांच में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को विशेष संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आने चाहिए।

    महिला कांग्रेस आज करेगी प्रदर्शन

    इस मामले में उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस ने भी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में 15 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे देहरादून स्थित राजीव भवन, कांग्रेस मुख्यालय में पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।

    महिला कांग्रेस ने उर्मिला सनावर द्वारा सार्वजनिक किए गए वीडियो और बयानों में कथित वीआईपी को लेकर किए गए दावों का भी उल्लेख किया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी है।

    अंकिता के माता-पिता का दिल्ली में धरना, राहुल और प्रियंका गांधी की उनसे मुलाकात और उत्तराखंड कांग्रेस के विरोध कार्यक्रमों ने इस प्रकरण को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। चुनावी साल में इस मुद्दे पर आहूत धरना प्रदर्शन से भाजपा के लिए नई चुनौती खड़ी हो गयी है।
    अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि परिवार की मांग पर केंद्र सरकार और राष्ट्रपति भवन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं । और सीबीआई जांच किस मोड़ पर पहुंचती है ।

  • पाबौ के विकास को बड़ी सौगात, 16.18 करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी

    पाबौ के विकास को बड़ी सौगात, 16.18 करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी

    कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण

    पौड़ी। कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने अपने तीन दिवसीय क्षेत्र भ्रमण के अंतिम दिन पाबौ मंडल के सैंजी, बुरांसी, जगतेश्वर और नौठा क्षेत्र में 16 करोड़ 18 लाख 10 हजार रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों को बेहतर आवागमन एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। विकास योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर होने के साथ ही शिक्षा और धार्मिक स्थलों के विकास को भी गति मिलेगी।

    कैबिनेट मंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज जगतेश्वर में 23 लाख 80 हजार रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कक्ष का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार होने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इस दौरान उन्होंने बुरांसी मुख्य मार्ग से राजकीय इंटर कॉलेज जगतेश्वर तक 08 लाख 21 हजार रुपये की लागत से निर्मित इंटरलॉकिंग टाइल्स कार्य का लोकार्पण भी किया। विद्यालय पहुंचने पर छात्र-छात्राओं ने उनका स्वागत किया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

    कैबिनेट मंत्री ने नौठा-बुरांसी-कुल्याणी मोटर मार्ग के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन कर शिलान्यास किया। करीब सात किलोमीटर लंबे इस मोटर मार्ग के निर्माण पर नौ करोड़ 36 लाख 96 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही दैनिक जरूरतों और स्थानीय गतिविधियों को भी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने सैंजी-कुरगड़खाल से ग्वालखड़ा मोटर मार्ग के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया। इस सड़क के निर्माण पर 96 लाख 13 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।

    कैबिनेट मंत्री ने क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए बुरांसी गांव स्थित पातुल्या पौराणिक मंदिर के स्थल विकास कार्य का भी शिलान्यास किया। इसके अलावा तीन लाख रुपये की लागत से प्राचीन बिंदेश्वर मंदिर के स्थल विकास कार्य की शुरुआत की गई। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण स्थानीय विरासत को सहेजने के लिए महत्वपूर्ण है। इन स्थलों का विकास होने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सैंजी-चौलूसैंण, राजकीय इंटर कॉलेज तथा चपलौड़ी-फलदाड़ी सड़क से संबंधित इंटरलॉकिंग टाइल्स एवं सड़क सुधारीकरण के कार्य भी शामिल हैं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान कैबिनेट मंत्री ने फलद्वाड़ी, सैंजी, बुरांसी, बड़ैथ और पैलार के महिला मंगल दलों को सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सामग्री भी वितरित की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में महिला मंगल दलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए ऐसे समूहों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

    इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख पाबौ लता रावत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रजनी रावत सहित विमल सिंह नेगी, विनोद नेगी, नरेंद्र भंडारी, गुलाब सिंह बिष्ट सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।